Varanasi – City of Lord Shiva | वाराणसी – भगवान शिव की नगरी

वाराणसी भारत के उत्तर प्रदेश राज्य का प्रसिद्ध नगर है। वाराणसी संसार के प्राचीनतम बसे शहरों में से एक शहर है। इसे ‘बनारस’ और ‘काशी’ भी कहते हैं। इसे हिन्दू धर्म में सर्वाधिक पवित्र नगरों में से एक माना जाता है और इसे अविमुक्त क्षेत्र कहा जाता है। ये हिन्दुओं की पवित्र सप्तपुरियों में से एक है। वाराणसी का उल्लेख स्कंद पुराण, रामायण एवं महाभारत सहित प्राचीनतम ऋग्वेद सहित कई हिन्दू ग्रन्थों में आता है। पौराणिक मान्यताओं के तहत वरुणा और असि नदी के बीच बसे शहर को ही वरुणोसि” कहा गया जिसका अपभ्रंश है वाराणसी। ये नदियाँ गंगा नदी में क्रमशः उत्तर एवं दक्षिण से आकर मिलती हैं। यहां भारत के बारह ज्योतिर्लिंगों में से एक काशी विश्वनाथ मंदिर विद्यमान है।

Continue reading “Varanasi – City of Lord Shiva | वाराणसी – भगवान शिव की नगरी”

सारनाथ, एक पवित्र बौद्ध स्थल

वाराणसी से 10 किमी की दूरी पर स्थित, सारनाथ एक महत्वपूर्ण बौद्ध तीर्थ स्थलों में से एक है। बोध गया में ज्ञान प्राप्त करने के बाद भगवान बुद्ध ने यहाँ अपना पहला धर्मोपदेश दिया था। उनका पहला धर्मोपदेश महा धर्मचक्रप्रवर्तन के रूप में पवित्र है, जिसका अर्थ है ‘धर्म चक्र की गति’। आज सारनाथ बौद्ध पंथ के मुख्य स्थलों में से एक है, जो दुनिया भर से अनुयायियों को अपनी ओर आकर्षित करता है। शहर मठ, स्तूप और एक संग्रहालय के साथ सुशोभित है। सारनथ बौद्ध धर्म के चार प्रमुख तीर्थों में से एक है। सारनाथ के अलावा लुम्बिीनी, बोधगया और कुशीनगर तीन अन्य प्रमुख तीर्थ है।

Continue reading “सारनाथ, एक पवित्र बौद्ध स्थल”

Ramnagar Fort, Varanasi | रामनगर किला, वाराणसी

रामनगर का किला वाराणसी के रामनगर में गंगा नदी के पूर्वी तट पर तुलसी घाट के सामने स्थित है। यह किला मक्खन के रंग वाले मिर्जापुर के चुनार के बालूपत्थर ने बना है। यह वाराणसी से 14km और बनारस हिंदू विश्वविद्यालय से 2km की दूरी पर स्थित है। गंगा नदी के किनारे बने इस किले का निर्माण सन 1750 में काशी नरेश बलवंत ने करवाया था। ये किला हमेशा से ही काशी के राजाओं का निवास स्थान रहा है, वर्तमान में भी काशी नरेश अनंत नारायण सिंह यहाँ रहते है। किले के जिस भाग में वर्तमान काशी नरेश रहते है वहाँ आम लोगों के जाने पर पाबंदी है।

Continue reading “Ramnagar Fort, Varanasi | रामनगर किला, वाराणसी”

Durga kund Temple, Varanasi | दुर्गा कुंड मंदिर, वाराणसी

वाराणसी जंक्शन से 7 km की दूरी पर, दुर्गा मंदिर या दुर्गाकुंड मंदिर, तुलसी मानस मंदिर के पास स्थित एक प्रमुख हिंदू मंदिर है। यह वाराणसी के लोकप्रिय तीर्थस्थलों में से एक है। माता का यह सिद्ध मंदिर बाबा भोलेनाथ की नगरी वाराणसी का प्राचीनतम मंदिर माना जाता है। मान्यता है कि यह मंदिर आदिकालीन है। आदिकाल में काशी में तीन ही मंदिर थे- श्री काशी विश्वनाथ, मां अन्नपूर्णा और दुर्गा मंदिर। इस मंदिर का उल्लॆख ” काशी खंड” मॆ भी मिलता है। इस मंदिर में देवी मां के सामने खड़े होकर दर्शन करने मात्र से ही कई जन्मों के पाप जलकर भस्म हो जाते हैं।

Continue reading “Durga kund Temple, Varanasi | दुर्गा कुंड मंदिर, वाराणसी”

Tulsi Manas Temple, Varanasi | तुलसी मानस मंदिर, वाराणसी

तुलसी मानस मंदिर वाराणसी रेलवे स्टेशन से 7 किमी दूर स्थित है। यह मंदिर गोस्वामी तुलसीदासजी द्वारा लिखित श्री रामचरितमानस को समर्पित मंदिर है। कहा जाता है कि गोस्वामी तुलसीदासजी ने महाकाव्य श्री रामचरितमानस की रचना हिंदी भाषा की अवधी बोली में इसी स्थान पर की थी। इसलिए इस मंदिर को तुलसी मानस मंदिर कहा जाता है।

Continue reading “Tulsi Manas Temple, Varanasi | तुलसी मानस मंदिर, वाराणसी”

Assi Ghat, Varanasi | असीघाट, वाराणसी

अस्सी घाट (असीघाट) , प्राचीन नगरी काशी  के महत्वपूर्ण प्राचीन घाटों में से एक है। यह असी नदी और गंगा नदी के संगम पर स्थित है। यह घाट पंचतीर्थ घाटों में से एक है | इस घाट पर पीपल के पेड़ के नीचे एक विशाल शिवलिंग स्थित है जहाँ तीर्थयात्री गंगा नदी में पवित्र स्नान के पश्चात पूजा करते हैं। असीघाट के करीब संगमरमर के एक छोटे मंदिर में एक और शिवलिंग – असीसंगमेश्वर लिंग है।

Continue reading “Assi Ghat, Varanasi | असीघाट, वाराणसी”