बुलेट बाबा मंदिर – यहां मोटर साईकिल से मांगी जाती है मन्नत..!!

मंदिरों में भगवान की पूजा होते तो सभी ने देखी है लेकिन क्या कभी आपने मोटरसाइकिल के मंदिर के बारे में सुना है। अजीब जरूर है लेकिन सच है। राजस्थान में एक ऐसा मंदिर है, जहां रॉयल एनफील्ड बुलेट 350 की पूजा होती है। यहां पूरे देश से बाइक राइडर और अन्य लोग आकर सुख समृद्धि और सुरक्षा की कामना करते हैं। इस मंदिर का नाम है ओम बन्ना धाम उर्फ बुलेट बाबा मंदिर।

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Brahma Temple, Pushkar | ब्रह्मा मंदिर, पुष्कर

हिंदू धर्म में तीन प्रधान देव माने गए हैं, ब्रह्मा, विष्णु और महेश। ब्रह्मा जी इस संसार के रचनाकार है, विष्णु पालनहार है और महेश संहारक है। लेकिन हमारे देश में जहां विष्णु और महेश यानी भोलेनाथ जी के अनेको मंदिर है। लेकिन ब्रह्मा जी का पूरे भारत में एकमात्र प्रसिद्ध मंदिर है। जो कि राजस्थान के पुष्कर में स्‍थ‍ित है। पुष्कर अजमेर शहर से 14km की दूरी पर स्थित है। यह दुनिया के टॉप 10 धार्मिक स्थानों और भारत में हिन्दुओं के टॉप 5 पवित्र स्थलों में से एक है।

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करणी माता मन्दिर – जहां रहते हैं 20 हजार चूहे !!

करणी माता का मन्दिर एक प्रसिद्ध हिन्दू मन्दिर है, जो राजस्थान के बीकानेर जिले से महज 30km दूर स्थित देशनोक में स्थित है। करणी माता का मंदिर जिसे चूहों वाली माता, चूहों वाला मंदिर और मूषक मंदिर के नाम से भी जाना जाता है। इस मंदिर में भक्तों से ज्यादा काले चूहे नजर आते हैं। वैसे यहां चूहों को ‘काबा’ कहा जाता है और इन काबाओं को बाकायदा दूध, लड्डू और अन्य खाने-पीने की चीजें परोसी जाती हैं। ये एक ऐसा मंदिर है, जहां पर 20 हजार चूहे रहते हैं और मंदिर में आने वाले भक्तों को चूहों का जूठा किया हुआ प्रसाद ही मिलता है।

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तनोट माता मंदिर – पाकिस्तान ने यहां गिराए हजारों बम, लेकिन एक भी नहीं फटा

तनोट माता का मंदिर, जैसलमेर के थार रेगिस्तान में 120 km दूरी पर भारत और पााकिस्तान के बार्डर के पास तनोट गांव में स्थित हैं। यहां से पाकिस्तान बॉर्डर मात्र 20 km दूर है। यहां देवी के दर्शन करने से भक्तों की सभी मनोकामनाएं पूरी होती हैं और वही पुण्य मिलता है जो माता हिंगलाज मंदिर{बलूचिस्तान, पाकिस्तान} में दर्शन से मिलता है। चारण कुल में जन्मी देवी आवड़ को तनोट माता के नाम से जाना जाता है। तनोट माता को हिंगलाज माँ का ही एक रूप कहा जाता है। हिंगलाज माता जो वर्तमान में बलूचिस्तान (पाकिस्तान) में ,स्थापित है।

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Varanasi – City of Lord Shiva | वाराणसी – भगवान शिव की नगरी

वाराणसी भारत के उत्तर प्रदेश राज्य का प्रसिद्ध नगर है। वाराणसी संसार के प्राचीनतम बसे शहरों में से एक शहर है। इसे ‘बनारस’ और ‘काशी’ भी कहते हैं। इसे हिन्दू धर्म में सर्वाधिक पवित्र नगरों में से एक माना जाता है और इसे अविमुक्त क्षेत्र कहा जाता है। ये हिन्दुओं की पवित्र सप्तपुरियों में से एक है। वाराणसी का उल्लेख स्कंद पुराण, रामायण एवं महाभारत सहित प्राचीनतम ऋग्वेद सहित कई हिन्दू ग्रन्थों में आता है। पौराणिक मान्यताओं के तहत वरुणा और असि नदी के बीच बसे शहर को ही वरुणोसि” कहा गया जिसका अपभ्रंश है वाराणसी। ये नदियाँ गंगा नदी में क्रमशः उत्तर एवं दक्षिण से आकर मिलती हैं। यहां भारत के बारह ज्योतिर्लिंगों में से एक काशी विश्वनाथ मंदिर विद्यमान है।

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सारनाथ, एक पवित्र बौद्ध स्थल

वाराणसी से 10 किमी की दूरी पर स्थित, सारनाथ एक महत्वपूर्ण बौद्ध तीर्थ स्थलों में से एक है। बोध गया में ज्ञान प्राप्त करने के बाद भगवान बुद्ध ने यहाँ अपना पहला धर्मोपदेश दिया था। उनका पहला धर्मोपदेश महा धर्मचक्रप्रवर्तन के रूप में पवित्र है, जिसका अर्थ है ‘धर्म चक्र की गति’। आज सारनाथ बौद्ध पंथ के मुख्य स्थलों में से एक है, जो दुनिया भर से अनुयायियों को अपनी ओर आकर्षित करता है। शहर मठ, स्तूप और एक संग्रहालय के साथ सुशोभित है। सारनथ बौद्ध धर्म के चार प्रमुख तीर्थों में से एक है। सारनाथ के अलावा लुम्बिीनी, बोधगया और कुशीनगर तीन अन्य प्रमुख तीर्थ है।

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