Lalgarh Palace, Bikaner | लालगढ़ महल, बीकानेर

लालगढ़ महल राजस्थान के बीकानेर शहर में स्थित एक खूबसूरत महल है। लालगढ़ महल बीकानेर शहर से 3 km दूर है। लालगढ़ महल को महाराजा गंगा सिंह जी ने 1902 व 1926 के बीच बनवाया था। लालगढ़ महल को महाराजा गंगा सिंह जी ने आधुनिक आवश्यकताओं को ध्यान में रखकर बनवाया था। लालगढ़ महल का नाम गंगा सिंह जी के पिता लाल सिंह जी की याद में रखा था। यह ब्रिटिश राजाओं द्वारा भारतीय राजाओं के लिए बनाए गए महलों में से एक है और राजस्थान पर्यटन का अनुभव करने के लिए शीर्ष स्थानों में से एक है।

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Junagarh Fort, Bikaner | जूनागढ़ किला, बीकानेर

जूनागढ़ किला राजस्थान के बीकानेर में स्थित है। यह भारत के सबसे प्रसिद्ध किलो में से एक है। यह बीकानेर में देखे जाने वाले प्रमुख स्थानों में से एक है। इस किले को वास्तव में चिंतामणि दुर्ग या बीकानेर किले के नाम से जाना जाता था। जूनागढ़ का अर्थ होता है पुराना किला, और ये नाम इस किले को 20वी सदी में मिला था जब राज परिवार इस किले से पलायन कर लालगढ़ पैलेस में रहने लगा। यह किला राजस्थान के उन प्रमुख किलो में शामिल है जो पहाड़ की ऊंचाई पर नही बने है। वर्तमान बीकानेर शहर किले के आस-पास ही विकसित हुआ है। यह किला दिखने में बेहद आकर्षक है, जो यहां आने वाले पर्यटकों कों अपनी तरफ खींचता है।

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Bikaner – History and Tourist Places | बीकानेर – इतिहास और दर्शनीय स्थल

बीकानेर राजस्थान राज्य में रेगिस्तान का एक शहर है। जो, जोधपुर से 245km, जयपुर से 333km दूर है। बीकानेर राज्य का पुराना नाम जांगलू देश था। बीकानेर के राजा जांगलू देश के स्वामी होने के कारण अब तक “जंगल धर बादशाह’ कहलाते हैं। जांगलू पश्चिमी राजस्थान का वो हिस्सा है जिसे हम लोग आज बीकानेर, चुरू हनुमानगढ़ और श्री गंगानगर के नाम से जानते हैं। इसके उत्तर में कुरु और मद्र देश थे, इसलिए महाभारत में जांगलू नाम कहीं अकेला और कहीं कुरु और मद्र देशों के साथ जुड़ा हुआ मिलता है। बीकानेर शहर बीकानेर जिले का प्रशासनिक मुख्यालय है और राजस्थान के प्रसिद्ध पर्यटन स्थलों में से एक है।

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Ramnagar Fort, Varanasi | रामनगर किला, वाराणसी

रामनगर का किला वाराणसी के रामनगर में गंगा नदी के पूर्वी तट पर तुलसी घाट के सामने स्थित है। यह किला मक्खन के रंग वाले मिर्जापुर के चुनार के बालूपत्थर ने बना है। यह वाराणसी से 14km और बनारस हिंदू विश्वविद्यालय से 2km की दूरी पर स्थित है। गंगा नदी के किनारे बने इस किले का निर्माण सन 1750 में काशी नरेश बलवंत ने करवाया था। ये किला हमेशा से ही काशी के राजाओं का निवास स्थान रहा है, वर्तमान में भी काशी नरेश अनंत नारायण सिंह यहाँ रहते है। किले के जिस भाग में वर्तमान काशी नरेश रहते है वहाँ आम लोगों के जाने पर पाबंदी है।

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Mysterious & Talismanic Fort of Chunar | चुनार का रहस्यमयी और तिलिस्मी किला

चुनार का किला उत्तर प्रदेश के मिर्जापुर जिले के चुनार में स्थित है। जो वाराणसी शहर से लगभग 28km की दूरी पर दक्षिण पश्चिम में स्थित है। यह किला विंध्याचल की पहाड़ियों में गंगा नदी के तट पर है। यह किला लगभग 5000  वर्षों का इतिहास सहेजे हुए है। चुनार का प्राचीन नाम ‘चरणाद्रि’ था। जिस पहाड़ी पर यह किला स्थित है उसकी बनावट मानव के पांव के आकार की है। इसलिए इसे चरणाद्रिगढ़ के नाम से जाना जाता था। कहा जाता है कि इस पर्वत पर कई तपस्वियों ने तप किए। यह किला भगवान बुद्ध के चातुर्मास नैना योगीनी के योग का भी गवाह है। नैना योगीनी के कारण ही इसका एक नाम नैनागढ़ भी है।

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Shaniwar wada, Pune | शनिवार वाडा, पुणे

भारत की एतिहासिक धरोहर शनिवार वाडा किला (Shaniwar Wada Fort) पुणे, महाराष्ट्र का एक प्रमुख पर्यटक स्थल है। शनिवार वाड़ा का निर्माण, मराठा साम्राज्य में पेशवा बाजीराव प्रथम, जो कि छत्रपति शाहु के प्रधान (पेशवा) थे, ने करवाया था। शनिवार वाड़ा का मराठी में मतलब शनिवार (शनिवार/Saturday) तथा वाड़ा का मतलब रहने का स्थान होता है। शनिवार वाडा की नींव 10 जनवारी 1730 में शनिवार (Julian calendar के अनुसार) के दिन रखी गई थी। 22 जनवरी 1732 को शनिवार के दिन ही किले का उद्घाटन संपन्न हुआ। शनिवार के दिन नींव रखे जाने के कारण इस किले का नाम ‘शनिवार वाडा’ (Shaniwar Wada) पड़ा।

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