Panchgani – A Hill Station in Maharastra | पंचगनी – महाराष्ट्र में एक हिल स्टेशन

पंचगनी, महाबलेश्वर से 18km और सातारा से 48km की दूरी पर सहयाद्री पर्वत श्रृंखला के बीच स्थित एक प्रसिद्ध हिल स्टेशन है। जहां हर साल हजारों पर्यटक घूमने आते हैं। पंचगनी का अर्थ है पाँच पहाड़ियाँ, पंचगनी सहयाद्री पर्वत श्रृंखलाओं में पांच पहाड़ियों के बीच घिरा हुआ है, यह समुद्र सतह से लगभग 1,293 मीटर की ऊँचाई पर स्थित है। यहाँ का शांत और ठंडा मौसम गर्मियों के मौसम में खासतौर पर पर्यटकों को अपनी ओर आकर्षित करता है।

पंचगनी का इतिहास – 

पंचगनी की खोज अंग्रेज लोगों के द्वारा की गयी थी। अंग्रेज यहाँ पर अपनी गर्मियों की छुटि्टयां गुजारना पसंद करते थे। यह उल्लेख मिलता है कि 1860 के दशक में जॉन चेस्सन नामक एक अंग्रेज यहां अधीक्षक नियुक्त हुआ था। इतिहास बताता है कि जॉन चेस्सन को गर्मी की छुट्टी के लिए एक अच्छी जगह खोजने का काम दिया गया था। जिसके बाद उन्होंने पाँच गाँवों- धांडेघर, गोदावली, अमरल, खिंगार और तायघाट के बीच के इस खूबसूरत जगह को बसाया और इस जगह का नाम पंचगनी रखा गया। बाद में जॉन चेस्सन ने इसके बुनियादी ढांचे में सुधार किया और उसने विभिन्न पेशेवरों – दर्जी, धोबियां, कसाई, सब्जी विक्रेताओं, निर्माण ठेकेदारों आदि को प्रोत्साहित किया ताकि पंचगनी में भी व्यवस्थित हो सके। बाजार के नीचे का क्षेत्र उन्हें आवंटित किया गया था, और इसे  ग्राम स्थान के रूप में जाना जाता है अंग्रेजों के समय भले गर्मियों के मौसम में यहां लोगों की भीड़ रहती थी लेकिन मानसून के समय यहां रहने लायक स्थिति नहीं होती थी।

ऐसा कहा जाता है कि महाभारत काल में पांडव अपने निर्वासन के दौरान कुछ समय तक यहां रहे थे, और उनकी रिहाइश की जगह को आज ‘डेविल्स किचन’ अथवा ‘राक्षस की रसोई’ के नाम से जाना जाता है।

पंचगनी की एक खासियत ये है कि यहां पर दुनियाभर में मशहूर और कई देशों की खास पहचान कहे जाने वाले घने छायादार पेड़ों की भरमार है जिनमें खासतौर पर फ्रांस के पाइन, बोस्टन के अंगूर, स्कॉटलैंड के प्लम और रत्नागिरि के प्रसिद्ध आम के बगीचे और घने पेड़ हैं।  पंचगनी पूर्व में वाई, बावधान और नगेवाड़ी बांध, पश्चिम में गुरगढ़, दक्षिण में खिंगार और राजपुरी और उत्तर में ढोम बांध से घिरा हुआ है।

पंचगनी के मैप्रो गार्डन में आयोजित होने वाला दो दिवसीय स्ट्रॉबेरी फेस्टिवल दुनियाभर में बेहद मशहूर है, जिसका आनंद उठाने के लिए देश-विदेश से पर्यटक पंचगनी पहुंचते हैं। इस फेस्टिवल की खासियत यह है कि इस दौरान सैलानी न सिर्फ स्ट्रॉबेरी का कई स्वादों में आनंद उठाते हैं बल्कि उन्हें स्ट्रॉबेरी को पेड़ से तोड़कर खाने का मौका भी मिलता है। फेस्टिवल के मौके पर पूरे पंचगनी में मेले-सा माहौल रहता है। स्ट्रॉबेरी फेस्टिवल के दौरान यहां कई तरह के सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं, जिनमें पंचगनी और आस-पास के इलाकों से आए स्थानीय कलाकार लोक नृत्य, संगीत और मनोरंजन के कई कार्यक्रम प्रस्तुत करते हैं।

पंचगनी में घूमने की जगह –
Places To Visit In Panchgani –

टेबल लैंड पंचगनी (Table Land Panchgani) – टेबल लैंड समुद्र तल से 4550 फीट की ऊंचाई पर स्थित है। यह पंचगनी में घूमने के लिए सबसे अच्छे पर्यटन स्थलों में से एक है। यह 95 एकड़ के क्षेत्र में फैला हुआ एक सपाट पठार है जो पंचगनी के पूरे क्षेत्र के उच्चतम बिन्दुयों में से एक है। तिब्बती पठार के बाद यह ज्वालामुखीय पठार एशिया का दूसरा सबसे लंबा पर्वत पठार है। इस खूबसूरत और अद्भुत पहाड़ी से पूरे पंचगनी का नजारा बेहद भव्य दिखाई देता है। इसके साथ ही यहां पर सूर्यास्त और सूर्योदय का नजारा देखने के लिए भी बहुत पर्यटक आते हैं। यही वजह है कि फिल्मों की शूटिंग के लिए इसे बेहद उपयुक्त जगह माना जाता है और यहां ढेर सारी हिंदी फिल्मों की शूटिंग भी हुई है।

सिडनी प्वाइंट पंचगनी (Sydney Point Panchgani) – पंचगनी में बना सिडनी प्वॉइंट अपने दिलकश नजारों के लिए मशहूर है। सिडनी प्वॉइंट से सीधे कृष्णा घाटी, धौम डैम और कमलगढ़ किले का नजारा दिखता है। प्रकृति के बीच अकेले में कुछ समय बिताने के लिए इससे बढ़िया जगह दूसरी नहीं हो सकती है।

पारसी प्वाइंट पंचगनी (Parsi Point Panchgani) – महाबलेश्वर के रास्ते में स्थित पारसी प्वाइंट, कृष्णा घाटी और धुम बांध के शानदार जल के दृश्यों को दिखाता है। यह जगह हरे भरे पहाड़ों से घिरी हुई है और प्रकृति कुछ बेहद रोमांचक दृश्यों को दिखाती है। पारसी प्वाइंट का नाम अतीत में पारसी समुदाय से पड़ा है पहले के दिनों में, यह पारसी समुदाय का पसंदीदा स्थान था। सूर्यास्त और सूर्योदय के दौरान की यात्राओं के लिए यह एक बहुत ही अच्छी जगह है जो एक परफेक्ट लैंडस्केप फोटो शूट के लिए बहुत ही अच्छा सेटअप देती है। पारसी प्वाइंट पर आप ऊंट की सवारी कर सकते हैं और टेलिस्कोप से इस जगह को अलग तरीके से देख सकते हैं।

राजपुरी गुफाएं पंचगनी (Rajpuri Caves Panchgani) – राजपुरी गुफाएं वो जगह है जहां पर वनवास के दौरान पांडवों ने आश्रय लिया था। यह गुफाएं कई तरह के पवित्र कुंडों (तालाबों) से घिरी हुई हैं जिसे गंगा का पवित्र पानी माना जाता है। इस पानी के बारे में कहा जाता है कि यह पानी हर तरह के रोग को ठीक कर देता है। इस गुफा में सबसे का सबसे बड़ा आकर्षण भगवान कार्तिकेय मंदिर है, जिसे गुफाओं से ली गई रेत के साथ बनाया गया माना जाता है।

डेविल की रसोई पंचगनी (Devil’s kitchen panchgani) – डेविल की रसोई पंचगनी हिल स्टेशन में टेबल लैंड के दक्षिण में स्थित है। पौराणिक कथाओं के अनुसार, यह वह जगह है जहां महाभारत के पांडव अपने निर्वासन के दौरान कुछ समय के लिए रुके थे। इस स्थान का उपयोग उनके भोजन पकाने के लिए किया जाता था पर कोई भी यह नहीं बता सकता कि ‘डेविल’ शब्द कहां से आया है। कुछ लोगों के अनुसार, डेविल शब्द गुफा में रहने वाले चमगादडो से आया है। कुछ लोगों का दावा है कि पांडवगढ़ गुफाएँ भी उनके द्वारा निर्मित हैं। यह स्थान अब एक सुंदर दर्शनीय स्थल है जो पर्यटकों के बीच लोकप्रिय है।

कमलगढ़ किला पंचगनी (Kamalgad fort panchgani) – कमलगढ़ किला, पंचगनी से 41km की दूर,  सतारा जिले में वाई के पास स्थित एक चौकोर पहाड़ी किला है। 4511 फीट से अधिक की ऊंचाई पर स्थित, किला शानदार धूम बांध के लुभावने दृश्य पेश करता है। इस किले के बारे में कहा जाता है कि इसे भारत के मध्‍यकालीन युग में बनवाया गया था। ये किला मराठाओं के अधीन था और बाद में इस पर अंग्रेजों का राज हो गया। अंग्रेजों के तहत, किले का इस्तेमाल युद्ध के कैदियों को रखने के लिए किया जाता था। ये किला इस क्षेत्र का सबसे ऊंचा किला है। इसलिए स्‍थानीय लोग यहां सबसे ज्‍यादा ट्रैकिंग करने आते हैं। किले के शीर्ष से आसपास की पहाडियों और गांवों का खूबसूरत नज़ारा दिखाई देता है।

केट्स पॉइंट पंचगनी (Kate’s Point Panchgani) – पंचगनी के बाहर लगभग 15m दूर महाबलेश्वर के रास्ते पर कृष्णा घाटी के ऊपर एक विशाल चट्टान दिखाई देती है जिसको केट्स पॉइंट कहा जाता है। इस जगह से धाम डैम और बलकवाड़ी की घाटी के पानी का एक शानदार दृश्य देखने को मिलता है।

पंचगनी के आसपास के स्थान
Places to Visit Near Panchgani

पंचगनी जाने के लिए सबसे अच्छा समय
Best Time To Visit Panchgani

पंचगनी की पहाड़ियों पर घूमने का सबसे सही समय सितंबर से मई के बीच होता है। केवल बारिश को छोड़ दिया जाए तो हर वक्त ये जगह अपने दिलकश नजारों से पर्यटकों का ध्यान अपनी ओर खींचती हैं। पंचगनी में लगभग हर मौसम में पर्यटकों की भीड़ लगी रहती है। अगर आप सर्दियों के मौसम को पसंद करते हैं तो दिसंबर से लेकर फरवरी का मौसम बेस्ट है। यहां पर पड़ने वाली ठंड बेहद खूबसूरत होती है। तो अगर आप नवंबर के मौसम में कहीं जाने के लिए किसी बेहतरीन जगह की तलाश कर रहे हैं तो पंचगनी एक बढिया विकल्प है।

पंचगनी कैसे पहुंचे –
How To Reach Panchgani –

हवाई मार्ग – पंचगनी का निकटतम हवाई अड्डा पुणे (PUNE) 110km, मुंबई (Mumbai) 250km है। वहाँ से आप पंचगनी के लिए आप टैक्सी किराए पर लेकर पंचगनी पहुंच सकते हैं।

रेलमार्ग – पंचगनी के लिए निकटतम रेलवे स्टेशन वाथर (Wathar) में स्थित है जो पंचगनी से 45km की दूरी पर है। पुणे (Pune) रेलवे स्टेशन पंचगनी की यात्रा के लिए एक सुविधाजनक मार्ग है। चूंकि, पुणे रेल द्वारा दूसरे शहरों से अच्छी तरह जुड़ा हुआ है। पुणे (Pune) रेलवे स्टेशन से पंचगनी की दुरी 105km है।

सडक मार्ग – महाराष्ट्र राज्य सड़क परिवहन निगम (MSRTC) मुंबई, पुणे, नासिक, महाबलेश्वर, सतारा और कोल्हापुर जैसे नजदीकी शहरों से पंचगनी के लिए नियमित बस सेवाएं प्रदान करता है। इस खूबसूरत हिल स्टेशन तक पहुँचने के लिए मुंबई और पुणे से टैक्सी भी ले सकते हैं। मुंबई से ड्राइविंग करने वाले लोग पंचगनी तक पहुंचने के लिए मुंबई-पुणे एक्सप्रेसवे और NH 4 मार्ग से जा सकते हैं।

 

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