Sinhagad Fort, Pune | सिंहगढ़ किला, पुणे

पुणे मुख्य शहर से 37 km की दूरी पर स्थित सिंहगढ़ एक प्राचीन किला है, जो अपनी खास भौगोलिक स्थित और अपने इतिहास के लिए जाना जाता है। अतीत पर प्रकाश डालें तो पता चलता है कि इस किले का निर्माण 2000 साल पहले किया गया था, हालांकि इसके निर्माण संबधी सटीक जानकारी उपलब्ध नही है। प्राचीन काल में यह स्थल कोंधन के नाम से जाना जाता था, दन्तकथाओं के अनुसार यहाँ पर प्राचीन काल में ‘कौंडिन्य’ अथवा ‘श्रृंगी ऋषि’ का आश्रम था।

यह किला समुद्र तल से 1,312 मीटर की ऊंचाई पर स्थित है। किले के नाम का शाब्दिक अर्थ ‘शेर का किला’ है। यह अपने समय का बनाया गया एक मजबूत किला है, जिसकी मजबूत दीवारे आज भी सुरक्षित हैं। यहां मौजूद दो प्रवेश द्वार हैं एक कल्याण दरवाजा और दूसरा पुणे दरवाजा। यहाँ इतिहास की कई बड़ी लड़ाइयां लड़ी गई हैं, जिनमें 1670 का सिंहगढ़ युद्ध काफी ज्यादा महत्वपूर्ण रहा।

शिवाजी महाराज ने जून 1665 में मुगलों से किए गए करार के तहत कोंढाणा समेत 22 किले मुगलों लौटाए थे। इस करार के बाद जब शिवाजी औरंगजेब से मिलने आगरा गए तो वहां धोखे से उन्हें बंदी बना लिया गया जैसे तैसे शिवाजी आगरा से निकलकर महाराष्ट्र पहुंचे और उन्होंने इस करार को अस्वीकार कर दिया। इसके बाद शुरू हुआ मुगलों के अधीन हुए किलों को फतह करने का सिलसिला। क्योंकि किला मराठाओं के लिए सम्मान की बात थी। खास तौर पर ये किला इसलिए महत्वपूर्ण था क्योंकि कहा जाता था कि ये किला जिस किसी के पास भी होगा उसका ‘पूना’ पर अधिकार होगा। इस किले की सुरक्षा की जिम्मेदारी मुगल बादशाह औरंगजेब ने उदयभान राठौड को सौंपी हुई थी।

शिवाजी महाराज की सेना में कई शूरवीर सरदार थे, जो कोंढ़ाणा किले को जीतने के लिए तैयार थे। लेकिन इस मुहिम के लिए शिवाजी ने तानाजी मालुसरे का चयन किया। तानाजी शिवाजी के बचपन के दोस्त और उनके खास सरदार थें। उन्होंने कई लड़ाईयों में शिवाजी का साथ दिया था। जब कोंढ़ाणा किले की लड़ाई की तैयारी की जा रही थी, तभी तानाजी के बेटे रायबा की शादी भी की जाने वाली थी। शिवाजी के सरदार शेलार मामा ने तानाजी को रायबा की शादी करने के बाद कोंढाणा किले मुहिम पर जाने की सलाह दी। लेकिन तानाजी ने शेलार मामा की बात न मानते हुए कहा ‘आधी लग्न कोंढाण्याचं मग रायबाचं (पहले कोंढ़ाणा मुहिम बाद में मेरे बेटे की शादी) तानाजी ने 4 फऱवरी 1672 को अपनी सेना के साथ कोंढ़ाणा किले पर आक्रमण किया, मराठाओं मुगलों को हराकर यह किला जीत लिया लेकिन इसमें तानाजी को अपनी जान गवांनी पड़ी। जब शिवाजी महाराज को यह संदेश मिला तो उन्होंने कहा कि, गढ़आला सिंह गेला अर्थात ‘गढ़ तो मिला किन्तु सिंह (तानाजी) चला गया। इसके बाद उन्होंने तानाजी की याद में इस किले का नाम सिंह (शेर) गढ़ रखा। सिंहगढ़ पर तानाजी का स्मारक भी बनाया गया है।

किले में देखने लायक जगहे – 

तिलक बंगला: सिंहगढ़ पर स्वाधीनता आंदोलन के सेनानी बाल गंगाधर तिलक का एक बंगला भी मौजूद है। लोकमान्य तिलक यहां कभी-कभी आकर रहते थे। 1915 में महात्मा गांधी और लोकमान्य के तिलक के बीच इसी बंगले में मुलाकात हुई थी।

कल्याण दरवाजा: किले की पश्चिम दिशा में स्थित यह दरवाजा है। कोंढणपुर गांव जाने के लिए इस दरवाजा से होकर गुजरना पड़ता है।

देवटाके ( पानी की टंकियां) : तानाजी स्मारक के पास पानी की दो टंकियां बनी हुई है। इन टंकियों के पानी का इस्तेमाल पीने के लिए होता था। महात्मा गांधी जब भी पुणे आते वह इन टंकियों का पानी जरुर मंगवाते थे।

उदयभान राठोड़ का स्मारक : कल्याण दरवाजे की पीछे वाली पहाड़ी पर मुगलों के किलाधिकारी उदयभान राठोड़ की स्मारक मौजूद है।

राजाराम स्मारक : छत्रपति राजाराम महाराज की समाधि भी यहीं मौजूद है। राजाराम महाराज का 30वर्ष की उम्र में 2 मार्च 1700 को निधन हो गया था। मुगल सेना को लगातार 11 साल तक टक्कर देने वाले राजाराम महाराज का निधन उम्र के 30वें साल में 2 मार्च 1700 में सिंहगढ़ पर हुआ था।

पुणे में घूमने की सबसे खास जगह –
Best Places To Visit In Pune –

पुणे में घूमने के प्रसिद्ध उद्यान –
Famous Garden To Visit In Pune –

  • बंड गार्डन – Bund Garden
  • सरस बाग – Saras Baug
  • कमला नेहरू पार्क – Kamala Nehru Park
  • पुणे-ओकायामा फ्रेंडशिप गार्डनPune Okayama Friendship Garden
  • शुन्यो पार्क – Shunyo Park
  • इम्प्रेस गार्डन – Empress Garden
  • तथवाडे पार्क – Tathawade Park
  • पेशवे पार्क – Peshwa Udyan
  • कात्रज स्नेक पार्क  – Katraj Snake Park
  • बनर पशन जैव विविधता पार्क – Baner Pashan Biodiversity Park
  • संभाजी उद्यान – Sambhaji Park
  • चित्तरंजन वाटिका – Chittaranjan Vatika garden
  • राजीव गांधी राष्ट्रीय उद्यान – Rajiv Gandhi National Park
  • ग्राम संस्कृति उद्यान – Gram sanskruti udyan
  • बटरफ्लाय पार्क – Butterfly Park

पुणे के आसपास के स्थान
Places to Visit Near Pune

पुणे जाने के लिए सबसे अच्छा समय
Best Time To Visit Pune

पुणे की यात्रा का सबसे अच्छा समय मानसून और सर्दी दोनों हैं। जुलाई से फरवरी तक पुणे के मौसम काफी अच्छा रहता है, इसलिए यह महाराष्ट्र के इस विशाल शहर की यात्रा करने का सबसे अच्छा समय है। दिसंबर के महीने में पुणे में सवाई गंधर्व संगीत महोत्सव का आयोजन होता है जो पूरे भारतीय शास्त्रीय संगीत प्रेमियों को आकर्षित करता है। गर्मियों के मौसम में पुणे का तपमान ज्यादा होता है, इसलिए गर्मियों में यहां जाने से बचना ही बेहतर रहेगा।

पुणे तक कैसे पहुंचे –
How To Reach Pune –

हवाई मार्ग – पुणे एयरपोर्ट, पुणे शहर के केंद्र में स्थित है, जो कि एक अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा है। पुणे के लिए आपको सभी बड़े प्रमुख हवाई अड्डों से फ्लाइट आसानी से मिल जाएगी।

रेलमार्ग – पुणे रेल लाइन द्वारा देश के कई बड़े शहरों से अच्छी तरह से जुड़ा है। पुणे में लोकल के साथ-साथ एक्सप्रेस ट्रेनें पूरे दिन चलती हैं। आपको भारत के सभी प्रमुख शहरों से पुणे के लिए ट्रेन आसानी से मिल जायेगी।

सडक मार्ग – पुणे देश के प्रमुख हिस्सों से अच्छी तरह से जुड़ा हुआ है। पुणे से अहमदनगर (115 किमी), मुंबई (120 किमी), औरंगाबाद (215 किमी) और बीजापुर (275 किमी) की दूरी पर हैं। 

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