Lal Mahal, Pune | लाल महल, पुणे

लाल महल पुणे के सबसे प्रसिद्ध स्मारकों में से एक है। लाल महल, पुणे रेलवे स्टेशन से लगभग 5 किमी दूर है। इस सुन्दर महल को शहाजीराजे भोसले ने सन 1630 में उनकी पत्नी जिजाबाई और बेटे शिवाजी महाराज के लिए बनवाया था। अपना जन्मस्थान शिवनेरी छोड़ने के बाद छत्रपति शिवाजी महाराज ने उनके बचपन का ज्यादातर समय इसी महल में बिताया। 1646 में मुग़ल साम्राज्य का तोरणा किला काबिज करने तक शिवाजी महाराज लाल महल में ही रहते थे। शिवाजी महाराज की शादी सईबाई के साथ इसी महल में हुई।

ऐसा कहा जाता है की शनिवारवाडा के निर्माण के समय लाल महल की कुछ मिट्टी और पत्थर भाग्य के तौर पर इस्तेमाल किए गए थे। 17वी शताब्दी के अंत तक लाल महल खंडहर बन चूका था क्युकी इस शहर पर कई सारे हमले हो चुके थे। वर्तमान इमारत एक पुनर्निर्माण है। वर्तमान लाल महल पीएमसी ने बनवाया है। इसका निर्माण लगभग 1984 में शुरू हुआ और 1988 में पूरा हुआ। वर्तमान के लाल महल में शिवाजी के जीवन की कुछ महत्त्वपूर्ण घटनाये बड़ी आयल पेंटिंग्स से बनाई गयी है। इसमें राजमाता की मूर्ति जिसमे शिवाजी राजमाता जिजाबाई के साथ सोने का हल चलाते हुए दीखते है।

ऐतिहासिक दृष्टि से लाल महल शिवाजी और शाइस्ता खान के बीच हुई लड़ाई के लिए प्रसिद्ध है। मुगलों के शासक औरंगजेब का ध्यान जब उत्तर भारत के बाद दक्षिण भारत की तरफ गया। तब औरंगजेब ने दक्षिण भारत में अपने मामा शाइस्ता खान को दक्षिण का सूबेदार बनाकर भेजा। 3 मार्च,1660 ई. को शाइस्ता खान ने अपनी विशाल सेना के साथ महाराष्ट्र में प्रवेश किया इस सेना में करीबन 77,000 घुड़सवार, 30,000 पैदल सैनिक तथा बहुत बड़ी मात्रा में गोला-बारूद, तोपखाने आदि थे। 9 मई 1660 में पुणे स्थित शिवाजी के लाल महल में अपना डेरा डाला। लाल महल के आसपास शाइस्ता खान के सरदारों ने डेरे जमाये। शाइस्ता खान अनुभवी मुगल सरदार था। 1660 से 1663 तक तीन वर्ष पुणे में रहा पर उसे कोई सफलता न मिली। शिवाजी उस समय राजगढ़ में थे। शाइस्ता खान ने चारों तरफ सख्त पहरा भी बिठा रखा था, ताकि मराठे किसी भी तरफ से लालमहल या सेना-शिविरों में न घुस पायें।

6 अप्रैल 1663 काे आधी रात के वक्त शिवाजी ने अपने 400 मावलो के साथ उनपर हमला कर दिया शिवाजी ने अंधेरे में अंदाज से उस पर तलवार चला दी भीषण चीख सुनकर शिवाजी को लगा कि शाइस्ता खान मर गयालेकिन वह मरा नहीं था, उसके दाहिने हाथ की अंगुलियां कटकर जमीन पर गिर पड़ी थीं खुन बहता हाथ लेकर वह जनानखाने की खिड़की से कूद कर बेगमों के कमरे में जा कर छिप गया इस हमले में शिवाजी महाराज ने शाइस्ता खान के पुत्र और उनके 40 सैनिकों का वध कर दिया। शाइस्ता खान ने पुणे से बाहर मुगल सेना के पास जा कर शरण ली और औरंगजेब ने शर्मिंदगी के मारे शाइस्ता खान को दक्षिण भारत से हटाकर बंगाल का सूबेदार बना दिया। शाइस्ता खान पर लाल महल में शिवाजी का आक्रमण अत्यंत सूझ-बूझ और साहसभरी की योजना का परिणाम था। यह आक्रमण शिवाजी को एक स्वाभिमानी वीर योद्धा व दूरदर्शी राजनीतिज्ञ के रूप में स्थापित करता है।

पुणे में घूमने की सबसे खास जगह –
Best Places To Visit In Pune –

पुणे में घूमने के प्रसिद्ध उद्यान –
Famous Garden To Visit In Pune –

  • बंड गार्डन – Bund Garden
  • सरस बाग – Saras Baug
  • कमला नेहरू पार्क – Kamala Nehru Park
  • पुणे-ओकायामा फ्रेंडशिप गार्डनPune Okayama Friendship Garden
  • शुन्यो पार्क – Shunyo Park
  • इम्प्रेस गार्डन – Empress Garden
  • तथवाडे पार्क – Tathawade Park
  • पेशवे पार्क – Peshwa Udyan
  • कात्रज स्नेक पार्क  – Katraj Snake Park
  • बनर पशन जैव विविधता पार्क – Baner Pashan Biodiversity Park
  • संभाजी उद्यान – Sambhaji Park
  • चित्तरंजन वाटिका – Chittaranjan Vatika garden
  • राजीव गांधी राष्ट्रीय उद्यान – Rajiv Gandhi National Park
  • ग्राम संस्कृति उद्यान – Gram sanskruti udyan
  • बटरफ्लाय पार्क – Butterfly Park

पुणे के आसपास के स्थान
Places to Visit Near Pune

पुणे जाने के लिए सबसे अच्छा समय
Best Time To Visit Pune

पुणे की यात्रा का सबसे अच्छा समय मानसून और सर्दी दोनों हैं। जुलाई से फरवरी तक पुणे के मौसम काफी अच्छा रहता है, इसलिए यह महाराष्ट्र के इस विशाल शहर की यात्रा करने का सबसे अच्छा समय है। दिसंबर के महीने में पुणे में सवाई गंधर्व संगीत महोत्सव का आयोजन होता है जो पूरे भारतीय शास्त्रीय संगीत प्रेमियों को आकर्षित करता है। गर्मियों के मौसम में पुणे का तपमान ज्यादा होता है, इसलिए गर्मियों में यहां जाने से बचना ही बेहतर रहेगा।

पुणे तक कैसे पहुंचे –
How To Reach Pune –

हवाई मार्ग – पुणे एयरपोर्ट, पुणे शहर के केंद्र में स्थित है, जो कि एक अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा है। पुणे के लिए आपको सभी बड़े प्रमुख हवाई अड्डों से फ्लाइट आसानी से मिल जाएगी।

रेलमार्ग – पुणे रेल लाइन द्वारा देश के कई बड़े शहरों से अच्छी तरह से जुड़ा है। पुणे में लोकल के साथ-साथ एक्सप्रेस ट्रेनें पूरे दिन चलती हैं। आपको भारत के सभी प्रमुख शहरों से पुणे के लिए ट्रेन आसानी से मिल जायेगी।

सडक मार्ग – पुणे देश के प्रमुख हिस्सों से अच्छी तरह से जुड़ा हुआ है। पुणे से अहमदनगर (115 किमी), मुंबई (120 किमी), औरंगाबाद (215 किमी) और बीजापुर (275 किमी) की दूरी पर हैं। 

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