Naulakha Temple, Deoghar | नौलखा मंदिर, देवघर

नौलखा मंदिर, बैद्यनाथ मंदिर से करीब 1.5 किमी की दूरी पर देवघर के बाहरी इलाके में स्थित है। यह मंदिर अपने वास्तुशिल्प की ख़ूबसूरती के लिए जाना जाता है। इसकी ऊंचाई 146 फीट है यह मंदिर राधा कृष्ण को समर्पित मंदिर है मंदिर की स्थापत्य शैली बेलूर में रामकृष्ण मंदिर से मिलती जुलती है। इस मंदिर का निर्माण रानी चारूशीला, बालानन्द ब्रह्मचारी की एक शिष्या, ने किया था। मंदिर को नौलखा मंदिर इसलिये कहा जाता है, क्योंकि इसके निर्माण के लिए नौ लाख रूपये खर्च किए गए थे।


यह राशि रानी चारुशिला द्वारा पूरी तरह से दान की गई थी, जो पाथुरिया घाट किंग के परिवार, कोलकाता से संबंधित थीं। शुरुआती उम्र में उन्होंने अपने पति अक्षय घोष और बेटे जतिंद्र घोष को खो दिया। मौत से पीड़ित, उसने अपना घर छोड़ा और संत बलानंद ब्रह्मचारी से मुलाकात की जिन्होंने उसे इस मंदिर का निर्माण करने के लिए कहा।

बाबा बैद्यनाथ धाम के अन्य पर्यटन स्थल –
Other Places To Visit near Baba Baidyanath Dham –

देवघर जाने का सबसे अच्छा समय –
Best Time To Visit Deoghar –

अगर आप देवघर में स्थित बैद्यनाथ धाम मंदिर जाने की योजना बना रहें हैं तो आपको बता दें कि यहां की बाबा धाम यात्रा करने का सबसे अच्छा समय सर्दियों में है। ग्रीष्मकाल के समय यहां बहुत तेज गर्मी पड़ती है और मानसून भी आपकी यात्रा का मजा किरकिरा कर सकता है। इसलिए हम आपको सलाह देना चाहते हैं कि आप इस पवित्र मंदिर की यात्रा अक्टूबर से मार्च तक के महीनों के दौरान करें।

देवघर कैसे पहुंचे
How To Reach Deoghar –

हवाई मार्ग – देवघर का निकटतम हवाई अड्डा पटना (Patna) तथा, राँची (Ranchi) है। पटना/राँची से आप ट्रैन या टैक्सी से देवघर पहुंच सकते है। पटना से देवघर की दुरी 245 Km तथा राँची से देवघर की दुरी 252 Km है।

रेलवे मार्ग – देवघर के निकटतम रेलवे स्टेशन जसीडीह {Jasidih jn (JSME)} है। यह हावड़ा पटना दिल्ली लाइन पर है। सभी प्रमुख शहरो से जसीडीह के लिए ट्रेनें चलती हैं। जसीडीह से देवघर की दुरी 8 किमी है। जसीडीह रेल्वे स्टेशन से देवघर पहुंचने के लिए ऑटो रिक्शा या टैक्सी मिल जाती है।

सड़क मार्ग देवघर सीधे बड़े शहरो से जुड़ा हुआ है। कोलकाता (373 किमी), पटना (281 किमी), (रांची 250 किमी) तक सड़क से जुड़ा हुआ है। देवघर से धनबाद, बोकारो, जमशेदपुर, रांची और बर्धमान (पश्चिम बंगाल) तक नियमित बसें चलती हैं।

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