KalaRam Temple, Nashik | कालाराम मन्दिर, नासिक

कालाराम मन्दिर महाराष्ट्र राज्य के नासिक ज़िले के पंचवटी के निकट स्थित है। यह एक प्राचीन हिन्दू मन्दिर है। मंदिर में विराजित प्रभु श्रीराम की मूर्ति काले पाषाण से बनी हुई है, इसलिए इसे ‘कालाराम मंदिर’ कहा जाता है। यहाँ मंदिर में प्रभु श्रीराम के साथ, माता सीता, लक्ष्मण और हनुमान जी की भी मूर्ति हैं। यहां हनुमान जी की मूर्ति की विशेषता है कि इस मंदिर में हनुमान जी की मूर्ति को सिंदूर नहीं चढ़ाते। इस मंदिर के बारे में मान्यता है कि यहां भगवान राम के 14 साल के वनवास को मंदिर की 14 सीढ़ियों से दर्शाया गया है।

भारत के दलित आंदोलन में इस मंदिर की निर्णायक भूमिका रही है। 2 मार्च 1930 को मंदिर के बाहर डॉ॰ भीमराव अम्बेडकर के नेतृत्व में कालाराम मन्दिर सत्याग्रह किया गया, जिसके परिणामस्वरूप दलितों को मंदिर में प्रवेश की इजाजत मिली।

कालाराम मंदिर का इतिहास –
Nashik Kalaram Mandir History –

कहा जाता है कि ये मंदिर पर्णकुटी के स्थान पर बनाया गया है, जहाँ पूर्व में नाथपंथी साधु निवास करते थे। कहते हैं कि साधुओं को अरुणा-वरुणा नदी के तट पर प्रभु की मूर्ति प्राप्त हुई और उन्होंने इसे लकड़ी के मंदिर में विराजित किया था। तत्पश्चात 1780 में माधवराव पेशवा की मातोश्री गोपिकाबाई की सूचना पर सवाई माधवराव पेशवा के परामर्श से पेशवा के सरदार रंगराव ओढ़ेकर द्वारा यह मंदिर 1780 में काले पाषाणों से नागर शैली में निर्मित कराया गया था। इस मंदिर को बनाने में 12 साल लगे। उस काल के दौरान मंदिर निर्माण में 23 लाख का खर्च अनुमानित बताया जाता है।

कालाराम मंदिर नाशिक की संरचना –
Kalaram Mandir Architecture –

कालाराम मंदिर की संरचना देखते ही बनती हैं। मंदिर अपने चारो ओर से चारदीवारी से घिरा हुआ है। बता दें कि मंदिर की संरचना में 96 खंभे स्थित हैं। पूरा मंदिर 74 मीटर लंबा और 32 मीटर चौड़ा है। मंदिर की चारों दिशाओं में चार दरवाजे हैं। इस मंदिर के कलश तक की ऊँचाई 69 फीट है तथा कलश 32 टन शुद्ध सोने से निर्मित किया हुआ है। पूर्व महाद्वार से प्रवेश करने पर भव्य सभामंडप नजर आता है, जिसकी ऊँचाई 12 फीट है। मंदिर के चारो ओर भगवान विठ्ठल और भगवान गणेश को समर्पित मंदिरों के दर्शन भी किए जा सकते हैं।

नासिक – पंचवटी के अन्य पर्यटन स्थल –
Other Places To Visit In Nashik – Panchavati –

नासिक – पंचवटी घूमने जाने का सबसे अच्छा समय –
Best Time to Visit Nashik-Panchavati –

पंचवटी की यात्रा के लिए सबसे अच्छा समय अक्टूबर से फरवरी के बीच का माना जाता हैं क्योंकि इस समय के दौरान आप पर्यटक पंचवटी और इसके आसपास के समस्त घूमने वाली जगहों का दौरा कर सकते हैं। हालाकि बारिश के दौरान भी पंचवटी का नजारा देखने लायक होता हैं क्योंकि बरसात के मौसम यहाँ की प्राकृतिक वादिया हरियाली से भरपूर होती हैं।

नासिक – पंचवटी कैसे पहुंचें –
How To Reach Nashik-Panchavati –

हवाई मार्ग पंचवटी से निकटतम हवाई अड्डा नासिक (Nasik) 20Km ,शिरडी (Shirdi) 90Km मुंबई (Mumbai) 170Km है। नासिक हवाई अड्डे से आप पंचवटी के लिए आप टैक्सी किराए पर लेकर यहां पहुंच सकते हैं।

रेलवे मार्ग पंचवटी का निकटतम रेलवे स्टेशन नासिक रोड (Nasik Road) रेलवे स्टेशन (NK) है जो लगभग 10Km दूर है। इसके बाद यहां से टैक्सी लेकर पंचवटी जा सकते हैं।

सड़क मार्ग यह नासिक के मुख्य शहर के केंद्र से सिर्फ 2Km दूर है। NH -3 राष्ट्रीय राजमार्ग पथ ठाणे कासर – इगतपुरी के माध्यम से मुंबई से नासिक को जोड़ता है। पुणे, नासिक से लगभग 220 km दूर है, वहाँ राज्य कि सरकारी और निजी बसों द्वारा राज्य के कई शहरों और कस्बों में नासिक होते हुए जाया जा सकता है।

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