Sula Vineyards, Nashik | सुला वाइनयार्ड्स, नासिक

नासिक क्षेत्र को ‘भारत की वाइन राजधानी’ के रूप में जाना जाता है। नासिक में और उसके आसपास लगभग 50 वाइनरी हैं। जो किसी भी अन्य भारतीय शहर की तुलना में सबसे अधिक है। देश में करीब 20 मिलियन लीटर वाइन बनाई जाती है, जिसमें आधी यानी 10 मिलियन लीटर वाइन नासिक जिले में बनती है। यहां के वाइन की दुनिया भर में मांग है। सुला वाइनयार्ड नासिक में स्थापित पहली वाइनरी है और यह नासिक में घूमने के लिए प्रसिद्ध स्थानों में से एक है। सुला वाइनयार्ड्स को देश में सबसे प्रमुख वाइनरी के रूप में 2012 सॉविनन ब्लैंक (हरे अंगूर की विविधता) के लिए एक रजत पदक से सम्मानित किया गया था।

सुला वाइनयार्ड्स की स्थापना 1998 में राजीव सामंत ने की थी। सामंत ने स्टैनफोर्ड यूनिवर्सिटी में अध्ययन किया और उसके बाद कैलिफोर्निया में ओरेकल(Oracle) में काम किया। अपनी कॉर्पोरेट नौकरी छोड़ने के बाद, सामंत ने भारत लौटने पर सुला की स्थापना की। सुला का नाम सामंत की मां के नाम पर रखा गया – ‘सुलभा’।

सुला वाइनयार्ड्स एक वाइनरी और अंगूर का बाग है जो पश्चिमी भारत के नासिक क्षेत्र में स्थित है, जो मुंबई से 180 किलोमीटर उत्तर पूर्व में है। यह स्थान पूरे वर्ष अपने आगंतुकों को वाइन चखने के साथ-साथ रोमांचक पर्यटन प्रदान करता है। सुला वाइन यार्ड की सबसे बेस्‍ट बात है कि यहां पर आकर आप न केवल खूबसूरत वाइनयार्ड्स देख सकते हैं बल्कि वाइन खरीद भी सकते हैं और बनाना भी सीख सकते हैं। जी हां, इस तरह का अनोखा एक्‍सपीरियंस आपको केवल सुला वाइनयार्ड आकर ही हो सकता है। वाइनयार्ड टूर में टूरिस्‍ट्स को खेतों और वाइनरी विजिट कराई जाती है। यहां अलग-अलग तरह की वाइन टेस्‍ट भी कराई जाती हैं। इतना ही नहीं यहां नई और पुरानी वाइन की पहचान करना भी बताया जाता है। यह वाइन टूर 45 मिनट का टूर है जहाँ आगंतुक वाइन उत्पादन की वास्तविक प्रक्रिया देख सकते हैं। सुला वाइनयार्ड की खासियत है कि यहां आप वाइनरी विजिट करने के अलावा यहां ठहर भी सकती हैं। यहां पर सूला रिजॉर्ट है, जहां पर ठहरा जा सकता है। साथ ही यहां पर 2 रेस्तरां, लिटिल इटली और सोमा भी मौजूद है, जहां पर आप अपनी फैमिली के साथ लंच और डिनर के साथ वाइन का भी मजा ले सकते हैं।

SulaFest –

हर साल नासिक के सुला वाइनयार्ड में फरवरी में आयोजित होने वाला एक वार्षिक दो दिवसीय पेटू विश्व संगीत समारोह है। 2008 में शुरू किया गया, यह त्योहार संगीत, पेय, भोजन और फैशन प्रदान करता है। यहाँ आप अंगूर पर स्टॉम्प कर सकते हैं, तारों से भरे आसमान के नीचे डेरा डाल सकते हैं, गुनगुनी धूप देख सकते हैं, पैरों की मालिश का आनंद ले सकते हैं, टैरो कार्ड रीडिंग कर सकते हैं और अपने प्रियजनों के साथ कुछ क्वालिटी टाइम बिता सकते हैं।

स्थान:

सुला दाख की बारियाँ गत 36/2, गोवर्धन गाँव, गंगापुर-सवरगाँव रोड, नाशिक, महाराष्ट्र, 422222 पर स्थित हैं।

समय:

दाख की बारी सप्ताह के सभी दिनों में सुबह 11:30 बजे से रात 10:30 बजे तक खुली रहती है।

नासिक – पंचवटी के अन्य पर्यटन स्थल –
Other Places To Visit In Nashik – Panchavati –

नासिक – पंचवटी घूमने जाने का सबसे अच्छा समय –
Best Time to Visit Nashik-Panchavati –

पंचवटी की यात्रा के लिए सबसे अच्छा समय अक्टूबर से फरवरी के बीच का माना जाता हैं क्योंकि इस समय के दौरान आप पर्यटक पंचवटी और इसके आसपास के समस्त घूमने वाली जगहों का दौरा कर सकते हैं। हालाकि बारिश के दौरान भी पंचवटी का नजारा देखने लायक होता हैं क्योंकि बरसात के मौसम यहाँ की प्राकृतिक वादिया हरियाली से भरपूर होती हैं।

नासिक – पंचवटी कैसे पहुंचें –
How To Reach Nashik-Panchavati –

हवाई मार्ग पंचवटी से निकटतम हवाई अड्डा नासिक (Nasik) 20Km ,शिरडी (Shirdi) 90Km मुंबई (Mumbai) 170Km है। नासिक हवाई अड्डे से आप पंचवटी के लिए आप टैक्सी किराए पर लेकर यहां पहुंच सकते हैं।

रेलवे मार्ग पंचवटी का निकटतम रेलवे स्टेशन नासिक रोड (Nasik Road) रेलवे स्टेशन (NK) है जो लगभग 10Km दूर है। इसके बाद यहां से टैक्सी लेकर पंचवटी जा सकते हैं।

सड़क मार्ग यह नासिक के मुख्य शहर के केंद्र से सिर्फ 2 Km दूर है। NH – 160 राष्ट्रीय राजमार्ग पथ ठाणे कासर – इगतपुरी के माध्यम से मुंबई से नासिक को जोड़ता है। पुणे, नासिक से लगभग 220 km दूर है, वहाँ राज्य कि सरकारी और निजी बसों द्वारा राज्य के कई शहरों और कस्बों में नासिक होते हुए जाया जा सकता है।

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