पंचवटी : जहां हुआ था सीता-हरण !!

पंचवटी भारत के महाराष्ट्र में नासिक शहर के उत्तर-पश्चिम में स्थित बहुत ही पवित्र तीर्थ स्थल है। पंचवटी, गोदावरी नदी के तट पर स्थित एक बहुत ही शांत पर्यटन स्थल है। पंचवटी रामायण काल से जुड़ी एक बहुत ही खास जगह है। नासिक और पंचवटी वस्तुत: एक ही नगर हैं। इस नगर के बीच से गोदावरी बहती है। गोदावरी के दक्षिणी तट पर स्थित नगर के मुख्य भाग को नासिक कहा जाता है और गोदावरी के उत्तरी तट पर जो भाग है वह पंचवटी कहलाता है। पूरा पंचवटी क्षेत्र लगभग 5 km में फैला हुआ है पंचवटी हिन्दुओं का महत्वपूर्ण धार्मिक स्थल है और यहां भगवान राम, सीता और लक्ष्मण को समर्पित कई मंदिर हैं।

यहां से बहने वाली गोदावरी नदी में डुबकी लगाना शुभ माना जाता है। यहां 12 साल में एक बार कुंभ मेला लगता है। गोदावरी का उद्गम तो ब्रह्मगिरि पर्वत से है, लेकिन तीर्थयात्री पंचवटी में गोदावरी में स्नान करते हैं। गोदावरी में कई कुंड बनाए गए हैं, जिन्हें पवित्र तीर्थ माना जाता है। गोदावरी में यहां रामकुंड, सीताकुंड, लक्ष्मणकुंड, धनुषकुंड आदि तीर्थ हैं जिनमें स्नान का मुख्य स्थान रामकुंड है।

पंचवटी का अर्थ: पांच पवित्र छायादार वृक्षों के समूह को पंचवटी कहते हैं, ये 5 वृक्ष है- पीपल, बरगद, आंवला, बेल तथा अशोक वट। नासिक में गोदावरी के तट पर 5 वृक्षों का स्थान पंचवटी कहा जाता है। कहते है इस जगह पर वट के पांच पेड़ थे, जो अभी भी सीता गुफा के आसपास स्थित हैं। ऐसा माना जाता है कि भगवान राम के 14 वर्षों के दौरान कुछ साल, लक्ष्मण और मां सीता के साथ नासिक के पंचवटी क्षेत्र में रहे। पंचवटी ही वो जगह है जहां राम और सीता, लक्ष्मण के साथ एक कुटिया बनाकर रहे थे।

ग्रंथों के अनुसार, रावण की बहन शूर्पनखा ने इसी जगह पर राम-लक्ष्मण के सामने विवाह का प्रस्ताव रखा था और देवी सीता को मारने की कोशिश की थी। फलस्वरूप लक्ष्मण ने यहीं पर शूर्पनखा की नाक काटी थी। लक्ष्मण द्वारा शूर्पनखा की नासिका यानी नाक काटे जाने की वजह से यह क्षेत्र नासिक के नाम से प्रसिद्ध हुआ। इसी जगह पर राम-लक्ष्मण ने खर व दूषण और मारीच का वध किया था। इसी बात का बदला लेने के लिए रावण ने सीता का हरण कर लिया था।

नासिक – पंचवटी के अन्य पर्यटन स्थल –
Other Places To Visit In Nashik – Panchavati –

नासिक – पंचवटी घूमने जाने का सबसे अच्छा समय –
Best Time to Visit Nashik-Panchavati –

पंचवटी की यात्रा के लिए सबसे अच्छा समय अक्टूबर से फरवरी के बीच का माना जाता हैं क्योंकि इस समय के दौरान आप पर्यटक पंचवटी और इसके आसपास के समस्त घूमने वाली जगहों का दौरा कर सकते हैं। हालाकि बारिश के दौरान भी पंचवटी का नजारा देखने लायक होता हैं क्योंकि बरसात के मौसम यहाँ की प्राकृतिक वादिया हरियाली से भरपूर होती हैं।

नासिक – पंचवटी कैसे पहुंचें –
How To Reach Nashik-Panchavati –

हवाई मार्ग पंचवटी से निकटतम हवाई अड्डा नासिक (Nasik) 20Km ,शिरडी (Shirdi) 90Km मुंबई (Mumbai) 170Km है। नासिक हवाई अड्डे से आप पंचवटी के लिए आप टैक्सी किराए पर लेकर यहां पहुंच सकते हैं।

रेलवे मार्ग पंचवटी का निकटतम रेलवे स्टेशन नासिक रोड (Nasik Road) रेलवे स्टेशन (NK) है जो लगभग 10Km दूर है। इसके बाद यहां से टैक्सी लेकर पंचवटी जा सकते हैं।

सड़क मार्ग यह नासिक के मुख्य शहर के केंद्र से सिर्फ 2Km दूर है। NH – 160 राष्ट्रीय राजमार्ग पथ ठाणे कासर – इगतपुरी के माध्यम से मुंबई से नासिक को जोड़ता है। पुणे, नासिक से लगभग 220 km दूर है, वहाँ राज्य कि सरकारी और निजी बसों द्वारा राज्य के कई शहरों और कस्बों में नासिक होते हुए जाया जा सकता है।

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