Bhadkeshwar Mahadev Temple, Dwarka | भड़केश्वर महादेव मंदिर, द्वारका

द्वारका के पश्चिम में अरब सागर पर एक पहाड़ी पर स्थित, भड़केश्वर महादेव मंदिर गीता मंदिर और रुक्मिणी देवी मंदिर के काफी करीब है। भगवान शिव को समर्पित भड़केश्वर महादेव मंदिर, एक प्राचीन मंदिर है, जो लगभग 5000 साल पुराना है, जिसे अरब सागर में अपने आप प्रकट हुए एक स्वयंभू शिवलिंग के चारों ओर बनाया गया है। मंदिर हर साल मानसून के दौरान समुद्र में डूब जाता है, जिसे श्रद्धालु प्रकृति की अभिषेक की धार्मिक प्रक्रिया के रूप में मानते हैं।

पूरे साल मंदिर अपने आकर्षण और प्राकृतिक सुंदरता के लिए जाना जाता है। मुख्य धरती से मंदिर तक पहुंचने के लिए रास्ता बनाया गया है। मंदिर के पुजारी के मुताबिक भड़केश्वर महादेव का वर्तमान मंदिर दो सौ साल से ज्यादा पुराना है। जब समंदर में तेज ज्वार-भाटा आता है, तब मंदिर पहुंचने का रास्ता बंद हो जाता है। मंदिर का सबसे प्रसिद्ध त्योहार महा शिवरात्रि है, शिवरात्रि के दिन, मंदिर के चारों ओर एक भव्य मेले का आयोजन किया जाता है।

भड़केश्वर महादेव के मंदिर के पास गुजरात सरकार की ओर से चौपाटी का निर्माण कराया गया है। यहां सैलानियों के लिए तीन विश्रामालय बनाए गए हैं, जहां बैठ कर आप दोपहर में आराम कर सकते हैं। शाम होते ही यहां रौनक बढ़ जाती है। इस चौपाटी के पास द्वारका का सनराइज प्वाइंट और सनसेट प्वाइंट भी है। यहां से डूबते हुए सूर्य का नयनाभिराम दृश्य देखा जा सकता है। द्वारका की इस चौपाटी से थोड़ी दूर पर ही लाइट हाउस भी है। हालांकि टूरिस्ट पैकेज वाली गाड़ियां भड़केश्वर महादेव और चौपाटी पर नहीं आतीं, लेकिन अगर आप द्वारका में हैं तो एक यादगार शाम गुजारने के लिए यहां जरूर आएं।

द्वारका के अन्य प्रमुख पर्यटन स्थल –

द्वारका के अन्य मंदिर –

द्वारका नगरी के कुछ अन्य मनभावन मंदिर इस प्रकार हैं:-
• स्वामीनारायण मंदिर
• गायत्री देवी मंदिर
• शंकराचार्य मंदिर –इन दिनों यह में खँडहर में परिवर्तित हो गया है, फिर भी आप इस प्राचीन संरचना के अवशेष
देख सकते हैं।
• मीराबाई का मंदिर जो समुद्र नारायण मंदिर परिसर के भीतर स्थित है।

द्वारका घूमने जाने के लिए सबसे अच्छा समय क्या है –
Best Time For Dwarika Dham Yatra –

द्वारका जाने का आदर्श समय नवंबर से फरवरी के आखिरी तक है जब शहर में ठंडा मौसम रहता है। बहरहाल, यदि आप विशेष रूप से द्वारका के भव्य रूप से मनाए जाने वाले जन्माष्टमी महोत्सव के उत्सव में भाग लेना चाहते हैं, तो अगस्त और सितंबर के दौरान शहर की यात्रा करना अच्छा होगा। हालांकि, शहर में आप किसी भी मौसम में यात्रा कर सकते हैं।

द्वारका कैसे पहुंचें –
How To Reach Dwarka –

हवाई मार्ग – द्वारका की यात्रा के लिए निकटतम हवाई अड्डा पोरबंदर (Porbandar) 110 km, जामनगर (Jamnagar) लगभग 127 km तथा, अहमदाबाद (Ahmedabad) 452Km की दूरी पर स्थित है। यहां पहुंचने के बाद, आप या तो टैक्सी किराए पर ले सकते हैं या द्वारका पहुंचने के लिए बस ले सकते हैं।

रेलवे मार्ग – द्वारका देश के कई शहरों से रेल नेटवर्क के जरिए कनेक्टेड है। द्वारका रेलवे स्टेशन तक आपको रोज कई ट्रेनें मिल जाएंगी। एक बार द्वारका स्टेशन पहुंचने पर आपके लिए मंदिर जाना आसान है, क्योंकि स्टेशन और मंदिर के बीच की दूरी महज 1 km है। इसके अलावा आप ओखा (okha) 31 km या पोरबंदर (porbandar) 103 km भी जा सकते है। यहां पहुंचने के बाद, आप या तो टैक्सी किराए पर ले सकते हैं या द्वारका पहुंचने के लिए बस ले सकते हैं।

सड़क मार्ग – द्वारका देश के लगभग सभी बड़े शहरों से सड़क मार्ग से जुड़ा हुआ है। आप न सिर्फ खुद की गाड़ी से वहां पहुंच सकते हैं बल्कि मंदिर तक पहुंचने के लिए आपको कई बस सर्विस भी मिल जाएंगी, जिसे आप अपनी सुविधा के अनुसार चुन सकते हैं।

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