House of Kalam, Rameshwaram | कलाम हाउस, रामेश्वरम

हिंदू धर्म के चार धामों में से एक माना जाने वाला रामेश्वरम मंदिर डॉ. अब्दुल कलाम आजाद की जनमस्थली है। अब्दुल कलाम ने अपनी जिंदगी का शुरुआती जीवन यहीं पर गुजारा था। 15 अक्टूबर 1931 को धनुषकोडी गांव (रामेश्वरम, तमिलनाडु) में एक मध्यमवर्ग मुस्लिम परिवार में इनका जन्म हुआ। इनके पिता जैनुलाब्दीन न तो ज्यादा पढ़े-लिखे थे, न ही पैसे वाले थे। इनके पिता मछुआरों को नाव किराये पर दिया करते थे। कहा जाता है कि उनका पढ़ाई के प्रति इतना लगाव था कि वे रोज सुबह चार बजे उठ कर मैथ्स पढ़ते थे। पढ़ाई होने के बाद ही वे अपने पिता के साथ नमाज पढ़ते।

रामेश्वरम के स्थित पूर्व राष्ट्रपति एपीजे अब्दुल कलाम के घर को अब संग्रहालय में बदल दिया गया है। रामेश्वरम में देखने के लिए कलाम हाउस सबसे लोकप्रिय स्थानों में से एक है। यह मस्जिद स्ट्रीट पर स्थित है। रामेश्वरम में लोग कलाम को भगवान की तरह पूजते हैं। इसी वजह से कलाम की प्रतिमा को रामेश्वरम के मंदिर के ऊपर भी लगाया गया है।

भारत रत्न अब्दुल कलाम की मृत्य के बाद उनके पार्थिव शरीर को रामेश्वरम के पेई काराम्बू मैदान में दफनाया गया है। मैदान में उनकी कब्र को एक मोमोरियल में तब्दील कर दिया गया है। अपने प्रिय राष्ट्रपति के दर्शन के लिए पेई काराम्बू मैदान में सैंकड़ों की तादात में लोग दर्शन करने आते हैं।

रामेश्वरम जाने का सबसे अच्छा समय –
Best Time to Visit Rameshwaram –

रामेश्वरम जाने का सबसे अच्छा समय सर्दियों का मौसम (अक्टूबर से मार्च) है। सर्दियों का मौसम रामेश्वरम का पीक टूरिस्ट सीजन होता है और उस वक्त यहां का औसतन तापमान 15˚C से 17˚C के आसपास रहता है। इस दौरान आप पूरे रामेश्वरम शहर को एक्सप्लोर करने के साथ ही अलग-अलग आउटडोर ऐक्टिविटीज में भी शामिल हो सकते हैं। मानसून आमतौर पर जुलाई के महीने में आता है और रामेश्वरम में सितंबर के महीने तक रहता है। लेकिन, अगर आप इस मौसम में शहर घूमने की योजना बना रहे हैं तो आपके लिए सबसे अच्छा समय अगस्त है क्योंकि इस अवधि के दौरान तापमान 28˚C से 32˚C के बीच रहता है। यहां गर्मियों में दौरान तापमान 40˚C तक रहता है और धूप बहुत ज्यादा तेज होती है लिहाजा गर्मियों का मौसम रामेश्वरम जाने के लिए सही नहीं है।

रामेश्वरम के पास घूमने की जगह –
Places To Visit Near Rameshwaram –

रामेश्वरम शहर से करीब डेढ़ मील उत्तर-पूर्व में गंधमादन पर्वत नाम की एक छोटी-सी पहाड़ी है। हनुमानजी ने इसी पर्वत से समुद्र को लांघने के लिए छलांग मारी थी। बाद में राम ने लंका पर चढ़ाई करने के लिए यहीं पर विशाल सेना संगठित की थी। इस पर्वत पर एक सुंदर मंदिर बना हुआ है, जहां श्रीराम के चरण-चिन्हों की पूजा की जाती है। इसे पादुका मंदिर कहते हैं।

रामेश्वरम कैसे पहुंचें –
How to Reach Rameshwaram –

हवाई मार्ग –रामेश्वरम की यात्रा के लिए निकटतम हवाई अड्डा मदुरै (Madurai ) है। मदुरै (Madurai ) से रामेश्वरम की दुरी 176 Km है। यहां से आप स्थानीय साधनों (टैक्सी, ट्रैन, बस) की मदद से रामेश्वरम आसानी से पहुंच जाएंगे।

 रेलवे मार्ग – रामेश्वरम चेन्नई, मदुरै, कोयंबटूर, त्रिची, तंजावुर और अन्य महत्वपूर्ण शहरों के साथ रेल द्वारा जुड़ा हुआ है। रामेश्वरम तमिलनाडु की राजधानी चेन्नई रेल्वे स्टेशन से 558 Km दूर है जहां नियमित ट्रेन रामेश्वरम एक्सप्रेस चलाई जाती है।

सड़क मार्ग – रामेश्वरम जिला अच्छी तरह से मदुरै (176 Km), कन्याकुमारी(310 Km), चेन्नई(558 Km) और त्रिची(274 Km) जैसे बड़े शहरों से जुड़ा है। आप सड़क मार्ग से भी बहुत आसानी से रामेश्वरम पहुंच सकते हैं।

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