DhanushKodi – The Last Point of India | धनुषकोडी – भारत का आखिरी छोर

धनुषकोडी भारत के तमिलनाडु राज्‍य के पूर्वी तट पर रामेश्वरम द्वीप के दक्षिणी किनारे पर स्थित एक गांव है। धनुषकोडी पंबन के दक्षिण-पूर्व में स्थित है। यह स्थान रामेश्वरम से करीब 15 km दूर है। समुद्र द्वारा यहां से श्रीलंका 18 km दूर है। बालू के टीले पर सिर्फ 50 गज में फैला यह गांव दुनिया के सबसे छोटे स्‍थानों में से एक है। धनुषकोडी वह स्थान है जहां भगवान श्रीराम ने वानर सेना की सहायता से समुन्द्र पर लंका तक जाने के लिए पुल का निर्माण किया था, ताकि माता सीता को रावण की कैद से छुड़ा सके। इस पल को रामसेतु के नाम से जाना जाता है।

लंका विजय के बाद विभीषण ने श्रीराम से प्रार्थना की- “हे प्रभो ! आपके द्वारा बनवाया गया यह सेतु बना रहा तो भविष्य में इस मार्ग से भारत के बलाभिमानी राजा मेरी लंका पर आक्रमण करेंगे।” लंका नरेश विभीषण के अनुरोध पर श्रीराम जी ने अपने धनुष से सेतु को एक स्थान से तोड़कर उस भाग को समुद्र में डुबो दिया। इससे उस स्थान का नाम ‘धनुषकोडी’ हो गया। एक समय में धनुषकोडी बड़ा नगर था और रामेश्वरम एक छोटा सा गांव था। उस समय यहां से श्रीलंका के लिए नौकायें चलती थी और किसी प्रकार पासपोर्ट की जरूरत नहीं होती थी। वर्ष 1897 में जब स्वामी विवेकानंद अमेरिका से लंका मार्ग से भारत आये तो वे धनुषकोडी भूमि पर उतरे थे। वर्ष 1964 में यह एक विख्यात पर्यटक स्थल और तीर्थस्थल था। श्रद्धालुओं के लिए यहां होटल, धर्मशालाएं, कपडो की दुकाने थीं। उस समय यहां चेन्नई से धनुषकोडी के मध्य रेल सेवा संचालित भी होती थी। धनुषकोडी में जलयान निर्माण केंद्र, रेलवे स्टेशन, छोटा रेलवे चिकित्सालय, पोस्ट आफिस एवं मछलीपालन जैसे सरकारी कार्यालय भी थे।

धनुषकोडी जैसे समृद्ध शहर के लिए 22 दिसंबर 1964 की रात दुर्भाग्य लेकर आई जब एक भयानक समुद्री तूफान में यह नगर पूर्णतः बर्बाद हो गया। पंबनधनुषकोटि पैसेंजर रेल जिस में 5 कर्मचारी और 110 यात्री सवार थे प्रचंड तूफान की तरंगों की भेंट चढ़ गई। धनुषकोडी से कुछ पहले पूरी रेलगाड़ी बह गई और पूरा रेल मार्ग नष्ट हो गया। करीब 270 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से आये चक्रवात से पूरा शहर खत्म हो गया। धनुषकोडी में सब कुछ खत्म होकर कुछ खंडहर रह गये। धनुषकोडी बस स्टैंड के खंडहर के समीप मारने वालों की याद में एक स्मारक बनाया गया है। उस पर लिखा है- “उच्च वेग से बहने वाली हवा के साथ उच्च गति के चक्रवात ने धनुषकोडी को 22 दिसंबर 1964 की आधी रात से 25 दिसंबर 1964 की शाम तक तहस नहस कर दिया, जिससे भारी नुकसान हुआ और धनुषकोडी का पूरा शहर बर्बाद हो गया!” इस आपदा के बाद सरकार ने इसे भुतहा शहर घोषित कर रहने के लिए अयोग्य घोषित कर दिया। वर्षो तक यहां कोई आता जाता नहीं था। अब कुछ लोग आने जाने लगे हैं। यहां आने वालों को सुबह जाकर संध्या को रात होने से पहले लौटने की सलाह दी जाती है। रामेश्वरम से यहां पहुंचने का रास्ता 15 km लंबा है जो बेहद सुनसान, डरावना और रहस्यमयी माना जाता है। इसलिए यहां लोग दिन के उजाले में भी ग्रुप में आते हैं और शाम होने से पहले ही लौट जाते हैं।

रामेश्वरम जाने का सबसे अच्छा समय –
Best Time to Visit Rameshwaram –

रामेश्वरम जाने का सबसे अच्छा समय सर्दियों का मौसम (अक्टूबर से मार्च) है। सर्दियों का मौसम रामेश्वरम का पीक टूरिस्ट सीजन होता है और उस वक्त यहां का औसतन तापमान 15˚C से 17˚C के आसपास रहता है। इस दौरान आप पूरे रामेश्वरम शहर को एक्सप्लोर करने के साथ ही अलग-अलग आउटडोर ऐक्टिविटीज में भी शामिल हो सकते हैं। मानसून आमतौर पर जुलाई के महीने में आता है और रामेश्वरम में सितंबर के महीने तक रहता है। लेकिन, अगर आप इस मौसम में शहर घूमने की योजना बना रहे हैं तो आपके लिए सबसे अच्छा समय अगस्त है क्योंकि इस अवधि के दौरान तापमान 28˚C से 32˚C के बीच रहता है। यहां गर्मियों में दौरान तापमान 40˚C तक रहता है और धूप बहुत ज्यादा तेज होती है लिहाजा गर्मियों का मौसम रामेश्वरम जाने के लिए सही नहीं है।

रामेश्वरम के पास घूमने की जगह –
Places To Visit Near Rameshwaram –

रामेश्वरम शहर से करीब डेढ़ मील उत्तर-पूर्व में गंधमादन पर्वत नाम की एक छोटी-सी पहाड़ी है। हनुमानजी ने इसी पर्वत से समुद्र को लांघने के लिए छलांग मारी थी। बाद में राम ने लंका पर चढ़ाई करने के लिए यहीं पर विशाल सेना संगठित की थी। इस पर्वत पर एक सुंदर मंदिर बना हुआ है, जहां श्रीराम के चरण-चिन्हों की पूजा की जाती है। इसे पादुका मंदिर कहते हैं।

रामेश्वरम कैसे पहुंचें –
How to Reach Rameshwaram –

हवाई मार्ग –रामेश्वरम की यात्रा के लिए निकटतम हवाई अड्डा मदुरै (Madurai ) है। मदुरै (Madurai ) से रामेश्वरम की दुरी 176 Km है। यहां से आप स्थानीय साधनों (टैक्सी, ट्रैन, बस) की मदद से रामेश्वरम आसानी से पहुंच जाएंगे।

 रेलवे मार्ग – रामेश्वरम चेन्नई, मदुरै, कोयंबटूर, त्रिची, तंजावुर और अन्य महत्वपूर्ण शहरों के साथ रेल द्वारा जुड़ा हुआ है। रामेश्वरम तमिलनाडु की राजधानी चेन्नई रेल्वे स्टेशन से 558 Km दूर है जहां नियमित ट्रेन रामेश्वरम एक्सप्रेस चलाई जाती है।

सड़क मार्ग – रामेश्वरम जिला अच्छी तरह से मदुरै (176 Km), कन्याकुमारी(310 Km), चेन्नई(558 Km) और त्रिची(274 Km) जैसे बड़े शहरों से जुड़ा है। आप सड़क मार्ग से भी बहुत आसानी से रामेश्वरम पहुंच सकते हैं।

 

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