Khuldabad – Town of Dargah & Tomb | खुल्दाबाद – दरगाह और मकबरे का शहर

खुल्दाबाद भारतीय राज्य महाराष्ट्र में एक ऐतिहासिक परंपरा वाला एक गाँव है। यह दौलताबाद से 6 मील (लगभग 10 km) की दूरी पर पश्चिम में है। भद्रा मारुती मंदिर के अलावा, खुल्दाबाद में सूफी संतों और कुछ अन्य ऐतिहासिक राजवंशों, बादशाहों, दरबारियों और रईसों की कब्रें भी हैं। खुल्दाबाद औरंगाबाद जिले के खुल्दाबाद तालुका का मुख्य स्थान है।

इस गाँव को ‘रत्नापुर’ के नाम से भी जाना जाता है। बहुत पहले, गाँव को रौज़ा के नाम से भी जाना जाता था, इसका अर्थ है स्वर्ग में स्वर्ग। गाँव को संतों की घाटी / भूमि या अनन्त निवास के रूप में भी जाना जाता था। ऐसा इसलिए है क्योंकि 14 वीं शताब्दी में कई सूफी संत इस जगह पर रहते थे और उनकी मृत्यु के बाद उन्हें खुल्दाबाद में दफनाया गया था।

यहां पर 1500 सूफी संतों की कब्रें हैं और 17 वीं शताब्दी की शुरुआत में इस शहर में औरंगजेब द्वारा कब्जा कर लिया गया था जिसने शहर के चारों ओर एक मजबूत दीवार का निर्माण किया था जो अब खंडहर के रूप में यहां मौजूद हैं।

यहाँ की समाधियों में मुख्य हैं-

  1. मुग़ल बादशाह औरंगज़ेब
  2. गोलकुंडा का अंतिम सुल्तान अबुल हसन तानाशाह
  3. अहमदशाह
  4. बुरहानशाह (निज़ामशाही सुल्तान)
  5. मलिक अम्बर
  6. मुग़ल शाहजादा आज़म
  7. ख़ाँजहाँ
  8. मुनीम ख़ाँ
  9. जानी बेगम (औरंगज़ेब की प्रपौत्री)
  10. आसफ़जाह (प्रथम निज़ाम)
  11. नासिर जंगशहीद
  12. संत जैनुलहक
  13. बुरहानुद्दीन
  14. राजू कत्ताल

औरंगाबाद के पर्यटन स्थल –
Places to Visit in Aurangabad –

औरंगाबाद कैसे पहुंचे –
How To Reach Aurangabad –

  • वायु मार्ग – औरंगाबाद की यात्रा के लिए निकटतम हवाई अड्डा, औरंगाबाद (Auragabad) है जो शहर से केवल 10 km दूर है जहां से दिल्ली , मुम्बई , जयपुर एवं उदयपुर आदि शहरों से उड़ाने उपलब्ध है।
  • रेलमार्ग – दक्षिण-मध्य रेल के मनमाड-सिकन्दराबाद मार्ग पर बसे होने के कारण औरंगाबाद देश के कई प्रमुख शहरों से रेलमार्ग द्वारा जुड़ा हुआ है। यहाँ से देश के सभी प्रमुख नगरो के लिए रेल सेवाए उपलब्ध है।
  • सडक मार्ग – यहाँ के लिए जलगांव , पुणे ,शिरडी ,सुरत ,अहमदाबाद , इंदौर , नागपुर , नासिक और गोवा के लिए निरंतर बस सेवाए उपलब्ध है।

 

 

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