Kailash Temple Aurangabad | कैलाश मन्दिर – औरंगाबाद

कैलाश मन्दिर महाराष्ट्र के औरंगाबाद में प्रसिद्ध एलोरा की गुफ़ाओं’ में स्थित है। 276 फीट लंबे और, 154 फीट चौड़े इस मंदिर की खासियत ये है कि इसे केवल एक ही चट्टान को काटकर बनाया गया है। यह मंदिर दुनिया भर में एक ही पत्‍थर की शिला से बनी हुई सबसे बड़ी मूर्ति के लिए प्रसिद्ध है। मंदिर एलोरा की गुफ़ा संख्या 16 में स्थित है। इस मन्दिर में कैलास पर्वत की अनुकृति निर्मित की गई है। इस मंदिर का शिवलिंग विशालकाय है।

एलोरा की गुफ़ा-16 सबसे बड़ी गुफा है, जिसमें सबसे ज़्यादा खुदाई कार्य किया गया है। यहाँ के कैलाश मंदिर में विशाल और भव्‍य नक़्क़ाशी है, जो कि कैलाश के स्‍वामी भगवान शिव को समर्पित है। कैलाश मंदिर ‘विरुपाक्ष मन्दिर’ से प्रेरित होकर राष्ट्रकूट वंश के शासन के दौरान बनाया गया था। अन्‍य मंदिरों की तरह इसमें भी प्रवेश द्धार, मंडप तथा मूर्तियाँ हैं। कैलाश मंदिर को हिमालय के कैलाश का रूप देने में एलोरा के वास्तुकारों ने कुछ कमी नहीं की। शिव का यह दोमंजिला मंदिर, पर्वत की ठोस चट्टान को काटकर बनाया गया है

यह मंदिर भगवान शिव को समर्पित है। मान्यता है कि यहां दर्शन करने वाले भक्त को वैसा ही फल मिलता है, जैसे कैलाश पर्वत के दर्शन पर जाने पर। इसलिए जो लोग कैलाश नहीं जा पाते हैं, वे यहां दर्शन के लिए आते हैं। इस मंदिर के आंगन के तीनों ओर कोठरियां हैं और सामने खुले मंडप में नंदी विराजमान है और उसके दोनों ओर विशालकाय हाथी और स्तंभ बने हैं, ये मंदिर के मुख्य आकर्षण में से एक है।

इस मंदिर के निर्माण कार्य की शुरुआत मालखेड स्थित राष्ट्रकूट वंश के नरेश कृष्ण (प्रथम) (757-783 ई.) ने  करवाई थी। इस मंदिर को तैयार करने में क़रीब 150 वर्ष लगे और लगभग 7000 मज़दूरों ने लगातार इस पर काम किया। इस मंदिर को बनाने वाले शिल्पकारों ने एक विशालकाय शिला को ऊपर से तराशना शुरू किया था। आमतौर पर पत्थरों को सामने से तराशा जाता है, लेकिन इस मंदिर के लिए वर्टिकल (ऊपर से नीचे की तरफ) तराशा गया। जानकारों के मुताबिक इस मंदिर को 2 लाख टन भारी शिला को तराशकर बनाया गया है। इसके निर्माण के क्रम में अनुमानत: 40 हज़ार टन भार के पत्थारों को चट्टान से हटाया गया। यूनेस्को ने 1983 में इस जगह को ‘विश्व विरासत स्थल’ घोषित किया है।

औरंगाबाद के पर्यटन स्थल –
Places to Visit in Aurangabad –

औरंगाबाद कैसे पहुंचे –
How To Reach Aurangabad –

  • वायु मार्ग – औरंगाबाद की यात्रा के लिए निकटतम हवाई अड्डा, औरंगाबाद (Auragabad) है जो शहर से केवल 10 km दूर है जहां से दिल्ली , मुम्बई , जयपुर एवं उदयपुर आदि शहरों से उड़ाने उपलब्ध है।
  • रेलमार्ग – दक्षिण-मध्य रेल के मनमाड-सिकन्दराबाद मार्ग पर बसे होने के कारण औरंगाबाद देश के कई प्रमुख शहरों से रेलमार्ग द्वारा जुड़ा हुआ है। यहाँ से देश के सभी प्रमुख नगरो के लिए रेल सेवाए उपलब्ध है।
  • सडक मार्ग – यहाँ के लिए जलगांव , पुणे ,शिरडी ,सुरत ,अहमदाबाद , इंदौर , नागपुर , नासिक और गोवा के लिए निरंतर बस सेवाए उपलब्ध है।

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