Ellora Caves History | एलोरा की गुफाएँ – इतिहास और कला

महाराष्ट्र के औरंगाबाद  से 30 km दूर एलोरा की गुफाएँ हैं। ये गुफाएँ बेसाल्टिक की पहाड़ी के किनारे-किनारे करीब 2 किलोमीटर के हिस्से बनी हुई हैं। इन गुफाओं में हिंदू, जैन और बौद्ध तीन धर्मों के प्रति दर्शाई आस्था का त्रिवेणी संगम का प्रभाव देखने को मिलता है। ये गुफाएँ 350 से 700 ईसा पश्चात के दौरान अस्तित्व में आईं। एलोरा की गुफाएं पहाड़ और चट्टानों को काटकर बनाई गई वास्तुकला का सबसे बेहतरीन उदाहरण है। यहां की ज्यादातर सरंचनाओं में विहार और मोनैस्ट्रीज हैं। इनमें बुद्धिस्ट केव जिसे विश्वकर्मा केव कहते हैं यह सबसे ज्यादा फेमस है। एलोरा की गुफाएँ  1983 से यूनेस्को द्वारा घोषित एक विश्व धरोहर स्थल है।

एलोरा की गुफाओं में 34 गुफाएँ शामिल हैं। दक्षिण की ओर 12 गुफाएँ बौद्ध धर्म (महायान संप्रदाय पर आधारित), मध्य की 17 गुफाएँ हिंदू धर्म और उत्तर की 5 गुफाएँ जैन धर्म पर आधारित हैं। बौद्ध धर्म पर आधारित गुफाओं की मूर्तियों में बुद्ध की जीवनशैली की स्पष्ट झलक देखने को मिलती है। इन्हें देखकर तो यही लगता है मानो ध्यानमुद्रा में बैठे बुद्ध आज भी हमें शांति, सद्भाव व एकता का संदेश दे रहे हैं। यह गुफाएँ दुनिया के सबसे बड़े रॉक-कट मठ/मंदिर परिसरों में से एक है।

एलोरा गुफाओ का इतिहास और कला –
Art and History of Ellora Caves
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महाराष्ट्र के औरंगाबाद में स्थित एलोरा की यह प्राचीन गुफाओं का इतिहास राष्ट्रकूट वंश के शासनकाल से जुड़ा हुआ है। इतिहासकारों की माने तो राष्ट्रकूट वंश के शासकों ने हिन्दू और बौद्ध धर्म की उत्कृष्ट गुफाओं का निर्माण करवाया था जो कि अपनी अद्भुत शिल्पकारी एवं अनोखी धार्मिक कला के लिए जानी जाती हैं।

जबकि जैन धर्म से संबंधित गुफाओं का निर्माण यादव वंश के शासनकाल में माना जाता है। इन गुफाओं के निर्माण के लिए कई बड़े व्यापारियों औऱ धनी लोगों ने धन दिया था। इन गुफाओं का निर्माण, प्रार्थना धाम, तीर्थयात्रियों और साधु-संतों के आराम करने के लिए जगह, जैसे कई उद्देश्यों से किया गया।

इन बेहद आर्कषक एवं भव्य गुफाएं को देखने दूर-दूर से लोग आते हैं, वहीं ये गुफाएं सैलानियों के लिए शानदार विश्राम स्थल के रूप में भी जानी जाती हैं। एलोरा गुफाओं (Ellora Caves) के पास में ही दुनिया भर में मशहूर Ajanta Caves|अजंता की गुफाएँ भी स्थित है।

एलोरा गुफाओ के बारे में कुछ रोचक बाते –
Interesting Facts About Ellora Caves –

  • एलोरा की गुफाओ को वेरुल के लेनी के नाम से भी जाना जाता है।
  • एलोरा की गुफाओ में से दी ग्रेट कैलाश गुफा वहा की सबसे बड़ी गुफा है।
  • आर्कियोलॉजिस्टों के अनुसार इसे कम से कम 4,000 वर्ष पूर्व बनाया गया था।
  • एल्लोरा, विश्‍व में सबसे बड़े एकल एकचट्टानी उत्‍खनन, विशाल कैलाश (गुफा 16) के लिए विख्‍यात है। कहा जाता है कि इस गुफ़ा का निर्माण, राष्ट्रकूटों के शासक प्रथम कृष्णा द्वारा करवाया गया था। यह बहु-मंजिल गुफा मंदिर कैलाश मंदिर, भगवान शिव जी के घर को समर्पित है।
  • एलोरा की गुफाएँ न केवल यह गुफा संकुल एक अनोखा कलात्‍मक सृजन है साथ ही यह तकनीकी उपयोग का भी उत्‍कृष्‍ट उदाहरण है। परन्‍तु ये शताब्दियों से बौद्ध, हिन्‍दू और जैन धर्म के प्रति समर्पित है। ये सहनशीलता की भावना को प्रदर्शित करते हैं, जो प्राचीन भारत की विशेषता रही है
  • गुफ़ा न.10, सृजन के देवता विश्वकर्मा भगवान जी को समर्पित है इसलिए इस गुफ़ा को विश्वकर्मा गुफ़ा कहते हैं। गुफ़ा के अंदर भगवान बुद्ध की 15 फ़ीट की मूर्ति उपदेश देने की मुद्रा में विराजमान है। इस गुफ़ा में स्थित दो धर्मों के ऐसा अद्भुत मेल बहुत ही दुर्लभ है।
  • यहां की गुफाएँ महाराष्ट्र की ज्वालामुखीय बसाल्टी संरचनाओं को काट कर बनाई गई हैं, जिन्हें ‘दक्कन ट्रेप’ कहा जाता है।
  • यहां की शानदार जैन गुफाएँ हैं जिनमे इंद्र सभा, जगन्नाथ सभा व छोटा कैलाश गुफाएं, यहाँ स्थित जैन गुफाओं में सबसे ज़्यादा प्रसिद्द और उल्लेखनीय हैं। इनकी दीवारें बहुत ही ख़ूबसूरत चित्रों व विस्तृत कलाकृतियों से सजाई गयी थीं।।

एल्लोरा गुफा के आकर्षण स्थान –
Attraction Spots Of Ellora Caves–

  • कैलाश मंदिर  –  Kailash Temple
  • रावण की खाई  – Ravana Ki Khai
  • विश्वकर्मा गुफा –  Vishwakarma Caves
  • इंद्र सभा   –   Indra Sabha
  • धो ताल गुफा  – Dhol Taal Caves
  • तीन ताल गुफा  –   Teen Taal Caves
  • धुमर लेना  –  Dhumar Lena
  • रामेश्वर गुफा  –  Rameshwaram Gufa
  • दशावतार गुफा  – Dasavatara Cave

एलोरा की गुफाओं की यात्रा के लिए सबसे अच्छा समय –
Best Time To Visit Ellora Caves –

आप साल में किसी भी मौसम में आप इन गुफाओं को देखने आ सकते हैं। लेकिन अक्टूबर से फरवरी तक अच्छी जलवायु और ठंडा मौसम होने की वजह से यहां पर्यटकों की उपस्थिति पूरे साल की अपेक्षा काफी ज्यादा होती हैं। मार्च से जून तक गर्मी का मौसम होता है जिसमे यहाँ दिन के समय तापमान 40 ° C से अधिक हो जाता है। इसके बाद जून के अंत से अक्टूबर मानसून का मौसम रहता है। यहाँ गर्मी और बरसात, ठंड की तुलना में ज्यादा होती हैं इसलिए यहाँ आने वाले पर्यटक ठंड से लेकर शरद ऋतू तक यहाँ घूमना ज्यादा पसंद करते हैं। बाकी आप अपनी सुविधा और इच्छा के अनुसार साल के किसी भी मौसम में यहां जा सकते हैं। यह गुफाएं पर्यटकों के लिए पूरे साल खुली रहती हैं, लेकिन हर मंगलवार को यह बंद रहती हैं।

एलोरा की गुफाएँ – कैसे पहुंचें ?
How to Reach Ellora Caves ?

हवाई मार्ग –Ellora Caves तक पहुँचने के लिए सबसे निकटतम हवाई अड्डा औरंगाबाद  (Aurangabad) है। यहां से एलोरा की गुफाओं की दूरी 35 Km किलोमीटर है। औरंगाबाद हवाई अड्डे पर पहुंचने के बाद आप किसी भी बस या टैक्सी की मदद से  गुफाओं तक पहुंच सकते हैं।

रेल मार्ग – Ellora Caves तक पहुँचने के लिए सबसे निकटतम रेलवे स्टेशन औरंगाबाद रेलवे स्टेशन (28 Km) है। इसके अलावा आपके पास दूसरा विकल्प जलगाँव शहर (165 Km) है।

सड़क मार्ग – Ellora Caves तक जाने के लिए औरंगाबाद और जलगाँव दोनों शहरों से अच्छी सड़क कनेक्टिविटी है। अगर रेल या हवाई यात्रा करके यहाँ पहुंचते हैं तो इसके बाद आप सड़क द्वारा गुफाओं तक पहुंच सकते हैं। मुंबई (339 km), मांडू (324 km), बुरहानपुर (247 km), महेश्वर (310 किमी) और नागपुर से आप सड़क मार्ग से  आरामदायक यात्रा कर सकते हैं।

औरंगाबाद के पर्यटन स्थल –
Places to Visit in Aurangabad –

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