Bibi ka Maqbara – Taj of the Deccan | बीबी का मकबरा – दक्षिण का ताज

महाराष्ट्र के औरंगाबाद  में स्थित ‘दक्कन का ताज’ के नाम से प्रसिद्ध बीबी का मकबरा, दुनिया की सबसे खूबसूरत संरचनाओं में से एक ताजमहल की प्रतिकृति माना जाता है । यह मकबरा मुगल सम्राट शाहजहां के पोते एवं औरंगजेब के बेटे मुहम्मद आजमशाह ने अपनी प्रिय मां ‘रबिया-उल-दौरानी’ उर्फ ‘दिलरास बानो बेगम’ की याद में बनवाया था। ‘बीबी के मकबरे’ का निर्माण आगरा में स्थित दुनिया के सात अजूबों में से एक ताजमहल से प्रेरित होकर किया गया था। इस मकबरे के मुख्य द्धार पर बनी समाधि इस विशाल मकबरे के प्रमुख आर्कषणों में से एक है। इस मक़बरे का डिज़ाइन अतउल्लाह द्वारा किया गया था। अतउल्लाह के पिताजी उस्ताद अहमद लाहोरी को विश्वप्रसिद्ध “ताजमहल” के मुख्य आर्किटेक्ट के तौर पर पहचाना जाता था।

1657 ईसवी में तेज बुखार से पीड़ित होने के बाद दिलरास बानो बेगम की मौत हो गई। जिसके बाद मोहम्मद आजम शाह ने अपने दादा शाहजहां की नक्शे कदम पर चलते हुए अपने प्रिय मां रबिया-उल-दौरानी’ उर्फ ‘दिलरास बानो बेगम’ की याद में एक स्मृति स्मारक बनाने का फैसला लिया।

फिर आजमशाह ने औरंगाबाद में मकबरा का निर्माण काम शुरु करवाने का फैसला लिया। इस का निर्माण 1651 और 1661 ई के मध्यकाल में हुआ था। वहीं बाद में यह ”भारत का दूसरा ताज” और बीबी का मकबरा (“टॉम्ब ऑफ द लेडी”) के नाम से पहचाना गया।

दक्षिण का ताज –

मुगल वंश के शासक शहजादे आजमशाह ने अपने दादा शाहजहां से प्रेरित होकर बीबी के मकबरे को बनवाया था। हालांकि, इसके निर्माण कार्य में सिर्फ 7 लाख की राशि ही खर्च हुई थी, जो कि ताजमहल बनवाने में खर्च हुई राशि करीब 3.20 करोड़ रुपए से बेहद कम है। दरअसल ऐसा कहा जाता है कि शाही खजाने एवं कुशल मजदूरों की कमी की वजह से यह मूल कृति की एक खराब अनुकृति है। इसके साथ ही बीबी के मकबरे के लिए कई इतिहासकार यह भी तर्क देते हैं कि इस मकबरे के निर्माण में मुगल सम्राट औरंगजेब की कोई खासी रुचि नहीं थी, यहां तक की वे नहीं चाहते थे कि, इस मकबरे के निर्माण में शाही खजाने से ज्यादा पैसा खर्च हों।

इसी वजह से महाराष्ट्र के औरंगाबाद  में स्थित बीबी के मकबरा को ‘गरीबों का ताजमहल’ भी कहते हैं।

वहीं आगरा के ताजमहल की संपूर्ण संरचना को बेहद अच्छी क्वालिटी के सफेद संगमरमर से बनवाया गया था। जबकि औरंगजेब के बेटे द्धारा निर्मित इस ‘बीबी का मकबरा’ का गुम्बद ही सिर्फ संगमरमर से बनवाया गया है, जबकि इस संरचना का बाकी हिस्सा प्लास्टर से तैयार किया गया है, ताकि यह दिखने में संगमरमर की तरह दिख सके। इस संरचना के निर्माण के लिए पत्थर जयपुर की खदानों से लाए गए थे। आपको बता दें कि मुगल बादशाह आजमशाह इस मकबरा को अपने दादा शाहजहां द्धारा बनवाए गए मुमताज महल के मकबरे ”ताजमहल” से भी ज्यादा विशाल बनाना चाहता था।

औरंगाबाद के पर्यटन स्थल –
Places to Visit in Aurangabad –

बीबी का मकबरा – कैसे पहुंचें ?
How to Reach Bibi ka Maqbara  ?

हवाई मार्ग – Bibi ka Maqbara तक पहुँचने के लिए सबसे निकटतम हवाई अड्डा औरंगाबाद  (Aurangabad) है। यहां से बीबी का मकबरा की दूरी 13 Km किलोमीटर है। औरंगाबाद हवाई अड्डे पर पहुंचने के बाद आप किसी भी बस या टैक्सी की मदद से बीबी का मकबरा तक पहुंच सकते हैं।

रेल मार्ग – Bibi ka Maqbara तक पहुँचने के लिए सबसे निकटतम रेलवे स्टेशन औरंगाबाद  रेलवे स्टेशन (5 Km) है। इसके अलावा आपके पास दूसरा विकल्प जलगाँव शहर (165 Km) है।

सड़क मार्ग – Bibi ka Maqbara तक जाने के लिए औरंगाबाद और जलगाँव दोनों शहरों से अच्छी सड़क कनेक्टिविटी है। अगर रेल या हवाई यात्रा करके यहाँ पहुंचते हैं तो इसके बाद आप सड़क द्वारा Bibi ka Maqbara तक पहुंच सकते हैं। मुंबई (366 km), मांडू (354 km), बुरहानपुर (274 km), महेश्वर (341 किमी) और नागपुर से आप सड़क मार्ग से  आरामदायक यात्रा कर सकते हैं।

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