Rameshwaram Jyotirlinga – How to Reach ? | रामेश्वरम ज्योतिर्लिंग – कैसे पहुंचें ?

हिंदुओं के पवित्र तीर्थस्थलों में से एक रामेश्वरम मंदिर बहुत ही विशाल व प्रसिद्ध मंदिर है। यह पवित्र तीर्थस्थल तमिलनाडु के रामनाथपुरम जिले में स्थित है। मंदिर में स्थापित शिवलिंग बारह ज्योतिर्लिंगों में से एक शिवलिंग माना जाता है। भगवान शिव को समर्पित रामेश्वरम् ज्योतिर्लिंग देशभर में प्रसिद्ध तीर्थस्थल है। यह तीर्थ हिन्दुओं के चार धामों में से एक है। मान्यताओं के अनुसार यहां मौजूद शिवलिंग शत्रुओं पर विजय प्राप्त करने के लिए बहुत शुभ माना जाता है। रामेश्वरम में हर साल लाखों श्रृद्धालु दर्शन के लिए पहुंचते है। सावन के महीने में इस मंदिर की विशेषताएं ओर भी अधिक हो जाती है। भगवान श्री रामनाथस्वामी को मुख्य रूप से शिवलिंग के रूप में पूजा जाता है।

रामेश्वरम ज्योतिर्लिंग मंदिर में पूजा का समय –
Pooja Timing Of Rameswaram Jyotirling Temple –

रामेश्वरम मंदिर को सुबह पांच बजे श्रद्धालुओं के लिए खोल दिया जाता है। श्रद्धालु पहले पहर में सुबह पांच बजे से लेकर दोपहर एक बजे तक दर्शन पूजन कर सकते हैं। ठीक एक बजे मंदिर को बंद कर दिया जाता है। इसके बाद दूसरे पहर में शाम तीन बजे मंदिर दोबारा खोला जाता है। इस पहर में शाम तीन बजे से रात के नौ बजे तक दर्शन किया जा सकता है। आपको बता दें कि रामेश्वर मंदिर में होने वाली प्रत्येक पूजा का अलग अलग नाम है और ये पूजा अलग अलग समय पर होती है। इस पूजा का विशेष महत्व होता है इसलिए रामेश्वर मंदिर जाने वालों को इनमें जरूर शामिल होना चाहिए।

  • तड़के सुबह पांच बजे मंदिर खुलने के बाद सबसे पहले पल्लीयाराई दीप आराधना(Palliyarai Deepa Arathana) नामक पूजा होती है।
  • सुबह पांच बजकर दस मिनट पर स्पादिगलिंगा दीप आराधना (Spadigalinga Deepa Arathana) होती है।
  • सुबह पांच बजकर पैंतालिस मिनट पर थिरुवनन्थाल दीप आराधना(Thiruvananthal Deepa Arathana),
  • सुबह सात बजे विला पूजा(Vila Pooja), सुबह दस बजे कालासन्थी पूजा(Kalasanthi Pooja),
  • दोपहर बारह बजे ऊचीकला पूजा(Uchikala Pooja), शाम छह बजे सयारात्चा पूजा(Sayaratcha Pooja),
  • रात साढ़े आठ बजे अर्थजामा पूजा(Arthajama Pooja),
  • रात आठ बजकर पैंतालीस मिनट पर पल्लीयाराई पूजा(Palliyarai Pooja) होती है।

रामेश्वरम ज्योतिर्लिंग मंदिर के देखने योग्य प्रमुख फेस्टिवल –
Rameshwaram Jyotirling Temple Festival –

  • वैसे तो रामेश्वरम मंदिर के दर्शन के लिए किसी भी समय जाया जा सकता है लेकिन यदि आप मंदिर में मनाए जाने वाले मुख्य त्यौहारों को भी देखना चाहते हैं तो आपको इन विशेष महीनों में ही रामेश्वरम मंदिर जाने की योजना बनानी चाहिए। रामेश्वरम मंदिर में फरवरी-मार्च माह में महाशिवरात्रि फेस्टिवल अद्भुत तरीके से मनाया जाता है जो कुल 10 दिनों तक चलता है। अगर आप एक अनोखा महाशिवरात्रि फेस्टिवल देखना चाहते हैं तो, इस दौरान रामेश्वरम मंदिर जाने की प्लानिंग कर सकते हैं।
  • मई-जून के महीने में इस मंदिर में वसंतोत्सवम (Vasanthotsavam) नामक फेस्टिवल मनाया जाता है जो दस दिनों तक चलता है और वैशाख को खत्म होता है।
  • इसके अलावा थिरुक्कल्याणम(Thirukkalyanam) नामक फेस्टिवल भी रामेश्वरम मंदिर का एक बड़ा फेस्टिवल है जो 17 दिनों तक चलता है। इसे देखने के लिए लोगों की भारी भीड़ जमा होती है।

रामेश्वरम ज्योतिर्लिंग मंदिर में 22 तीर्थों के जल से स्नान –

रामेश्वरम मंदिर में दर्शन करने से पहले समुद्र में स्नान किया जाता है । समुद्र किनारे सुन्दर अग्नि स्नान घाट बनाये गए हैं। घाट पर पानी ज्यादा गहरा नहीं हैं। यहां सूर्योदय का दृश्य अत्यंत लुभावना होता है। यहां श्रद्धालु तर्पण एवं पूजा आदि करते देखे जा सकते हैं। इसके उपरांत मंदिर परिसर में बने 22 पवित्र जलकुंडों का स्नान किया जाता है । मान्यता है कि इन कुंडों का अस्तित्व भगवान राम के अमोध बाणों से सामने आया। उन्होंने अनेक तीर्थो का जल मंगा कर इनमें छोड़ा था। इसलिए इन्हें तीर्थ कहा जाता है। इनके नाम शंक, चक्र, गंगा, यमुना आदि धार्मिक नामों पर रखे गए हैं। किसी में बहुत ठंडा, किसी में सामान्य और किसी में हल्का गर्म पानी होता है। मान्यता है कि इन कुंड तीर्थों में अलग अलग धातुएं मिली हैं, जिसके नहाने से शरीर के रोग दूर हो जाते हैं। बाइसवें कुंड में सभी इक्कीस कुंडों का मिला जुला पानी आता है। इस पूरी प्रक्रिया में करीब 2 घंटे लगते हैं, तब जाकर शिवलिंग के दर्शन होते हैं।

खारे पानी के किनारे पर कुंडों में मीठा जल –

कहते हैं कि भगवान श्रीराम ने अपने बाणों से इन कुंडों का निर्माण किया था। समु्द्र के खारे पानी के किनारे पर कुंडों में मीठा जल निकलता है। यहां कुल 24 कुंड हैं जिनमें से दो कुंड सूख गए हैं। 22 कुंडों में पानी है, पर स्नान 21 कुंडों पर करवाया जाता है, क्योंकि 22वें कुंड मे सभी कुंडों का पानी है।

मणि दर्शन
रामेश्वरम मंदिर की एक खास दर्शन है मणि दर्शन। यह मंदिर में सुबह 5 बजे से 7 बजे के बीच किया जा सकता है। मणि दर्शन में स्फटिक के शिवलिंग का दर्शन होता है। सुबह सात बजे के बाद मणि दर्शन बन्द कर दिए जाते हैं। इस दर्शन के लिए नहा धोकर सुबह पांच बजे ही तैयार होना पडता है। जब कहीं जाकर मंदिर में लाइन लगाकर दर्शन हो पाते हैं। मणि दर्शन का शुल्क 50 रुपया निर्धारित है। इसका टिकट मंदिर के अन्दर ही मिलता है।

रामेश्वरम ज्योतिर्लिंग मंदिर के अन्य आंतरिक तीर्थ स्थल

  • अग्निथीर्थम
  • देवी मंदिर
  • सेतु माधव
  • विल्लीरणि तीर्थ
  • एकांत राम
  • सेतु माधव
  • कोद्ण्ड स्वामि मंदिर
  • सीता कुण्ड
  • आदि-सेतु

रामेश्वरम जाने का सबसे अच्छा समय –
Best Time to Visit Rameshwaram –

रामेश्वरम जाने का सबसे अच्छा समय सर्दियों का मौसम (अक्टूबर से मार्च) है। सर्दियों का मौसम रामेश्वरम का पीक टूरिस्ट सीजन होता है और उस वक्त यहां का औसतन तापमान 15˚C से 17˚C के आसपास रहता है। इस दौरान आप पूरे रामेश्वरम शहर को एक्सप्लोर करने के साथ ही अलग-अलग आउटडोर ऐक्टिविटीज में भी शामिल हो सकते हैं। मानसून आमतौर पर जुलाई के महीने में आता है और रामेश्वरम में सितंबर के महीने तक रहता है। लेकिन, अगर आप इस मौसम में शहर घूमने की योजना बना रहे हैं तो आपके लिए सबसे अच्छा समय अगस्त है क्योंकि इस अवधि के दौरान तापमान 28˚C से 32˚C के बीच रहता है। यहां गर्मियों में दौरान तापमान 40˚C तक रहता है और धूप बहुत ज्यादा तेज होती है लिहाजा गर्मियों का मौसम रामेश्वरम जाने के लिए सही नहीं है।

रामेश्वरम ज्योतिर्लिंग मंदिर के पास घूमने की जगह –
Places To Visit Near Rameshwaram Jyotirling Temple  

रामेश्वरम् शहर से करीब डेढ़ मील उत्तर-पूर्व में गंधमादन पर्वत नाम की एक छोटी-सी पहाड़ी है। हनुमानजी ने इसी पर्वत से समुद्र को लांघने के लिए छलांग मारी थी। बाद में राम ने लंका पर चढ़ाई करने के लिए यहीं पर विशाल सेना संगठित की थी। इस पर्वत पर एक सुंदर मंदिर बना हुआ है, जहां श्रीराम के चरण-चिन्हों की पूजा की जाती है। इसे पादुका मंदिर कहते हैं।

रामेश्वरम ज्योतिर्लिंग कैसे पहुंचें –
How to reach Rameshwaram –

हवाई मार्ग –रामेश्वरम ज्योतिर्लिंग की यात्रा के लिए निकटतम हवाई अड्डा मदुरै (Madurai ) है। मदुरै (Madurai ) से रामेश्वरम की दुरी 176 Km है। यहां से आप स्थानीय साधनों (टैक्सी, ट्रैन, बस) की मदद से रामेश्वरम ज्योतिर्लिंग आसानी से पहुंच जाएंगे।

 रेलवे मार्ग – रामेश्वरम चेन्नई, मदुरै, कोयंबटूर, त्रिची, तंजावुर और अन्य महत्वपूर्ण शहरों के साथ रेल द्वारा जुड़ा हुआ है। रामेश्वरम तमिलनाडु की राजधानी चेन्नई रेल्वे स्टेशन से 558 Km दूर है जहां नियमित ट्रेन रामेश्वरम एक्सप्रेस चलाई जाती है।

सड़क मार्ग – रामेश्वरम जिला अच्छी तरह से मदुरै (176 Km), कन्याकुमारी(310 Km), चेन्नई(558 Km) और त्रिची(274 Km) जैसे बड़े शहरों से जुड़ा है। आप सड़क मार्ग से भी बहुत आसानी से रामेश्वरम पहुंच सकते हैं।

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