Bhimashankar Jyotirlinga – How to Reach ? | भीमाशंकर ज्योतिर्लिग कैसे पहुंचे ?

सावन का महीना भगवान शिव का सबसे प्रिय महीना है। सावन के महीने में भगवान शिव के 12 ज्योतिर्लिंगो के दर्शनों का विशेष महत्व होता है। शास्त्रों के अनुसार जो व्यक्ति प्रतिदिन भगवान शिव के 12 ज्योतिर्लिंगो का नाम जपता है, उसके सातों जन्मों के पाप कट जाते है जिस कामना की पूर्ति के लिए व्यक्ति नित्य नामों का पाठ करता है, शीघ्र ही उसे उस फल की प्राप्ति होती है। ज्योतिर्लिंगो के समरण मात्र से सभी पापों से मुक्ति मिल जाती है, ये ही भगवन शिव की विशेषता है। भगवान शिव के 12 ज्योतिर्लिंगों में से छठा ज्योतिर्लिंग “भीमाशंकर ज्योतिर्लिग ” है।

भीमाशंकर मंदिर महाराष्ट्र में पुणे से करीब 110KM दूर स्थित सह्याद्रि नामक पर्वत पर है। यह स्थान नासिक से लगभग 206Km दूर है। 3,500 फीट की ऊंचाई पर स्थित इस मंदिर का शिवलिंग काफी मोटा है। इसलिए इसे मोटेश्वर महादेव के नाम से भी जाना जाता है। इसी मंदिर के पास से भीमा नामक एक नदी भी बहती है जो कृष्णा नदी में जाकर मिलती है।

भीमाशंकर ज्योतिर्लिंग मंदिर के दर्शन करने का सबसे अच्छा समय –
Best Time To Visit Bhimashankar Jyotirlinga –

भीमाशंकर ज्योतिर्लिंग की यात्रा का सबसे अच्छा समय नवम्वर से फरवरी माह के बीच का होता है। क्योकि इन महीनो में भीमाशंकर ज्योतिर्लिंग का दृश्य बहुत ही मनमोहक लगता है और हल्की-हल्की सर्दी की फीलिंग के साथ यात्रा करने का बहुत ही अलौकिक आनंद होता हैं। लेकिन आप वर्ष में किसी भी महीने के दौरान भीमाशंकर ज्योतिर्लिंग की यात्रा पर जा सकते हैं। महाशिवरात्रि के समय यहां पर विशेष मेला लगता है।

मंदिर की समय सारणी-

मंदिर खुलने का समय – 4:30 AM
आरती – 4:45 AM से 5।00 AM
निजारुप (मूल शिवलिंग) का दर्शन – 5:00 AM से 5।30 AM
सामान्य दर्शन और अभिषेक – 5:30 AM से 2:30 PM।
नैवेद्य पूजा – 12।00 PM। से 12।30 PM (इस समय अभिषेक नहीं किया जाता)
आरती – 3:00 PM से 3:30 PM
श्रृंगार दर्शन – 3:30 PM से 9:30 PM
आरती – 7:30 PM से 8:00 PM

(मदिर में सोमवार के प्रदोषम, अमावस्या, ग्रहण, महाशिवरात्रि के दौरान दर्शन नहीं कराये जाते। कार्तिक और श्रवण महीने के दौरान मुकुट और श्रृंगार दर्शन नहीं कराये जाते)

भीमाशंकर ज्योतिर्लिंग मंदिर के आस-पास दर्शनीय स्थल 
Places To Visit Near Bhimashankar Temple-

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