Omkareshwar Jyotirlinga – How to Reach ? |ओंकारेश्वर ज्योतिर्लिंग कैसे पहुंचे ?

ओंकारेश्वर ज्योतिर्लिंग मध्य प्रदेश के शिवपुरी में पवित्र नर्मदा नदी के तट पर स्थित है। ओंकारेश्वर ज्योतिर्लिंग ॐकार अर्थात ऊं का आकार लिए हुए है, इसलिए इसे ओंकारेश्वर नाम से पुकारा जाता है। ओंकारेश्वर अन्य 12 ज्योतिर्लिंगों से अलग है क्योंकि यहां भगवान शिव दो रूपों में विराजमान हैं एक ओंकारेश्वर और दूसरे अमलेश्वर/ममलेश्वर। भगवान शिव तीनों लोको का भ्रमण करके यहाँ विश्राम करते हैं। तभी रात्रि में यहाँ शिव भगवान जी की शयन आरती की जाती है। ऐसा कहा जाता है कि भक्तगणों के सारे संकट यहाँ दूर हो जाते हैं। ऐसा भी कहा जाता है कि आप चाहे सारे तीर्थ कर लें लेकिन ओंकारेश्वर के दर्शन करे बिना अधूरे हैं। इसीलिए भक्तगण दूर-दूर से यहाँ भारी संख्या में आते हैं।

ओंकारेश्वर मंदिर समय सारणी –

मंदिर खुलने का समय:
प्रातः काल ५ बजे – मंगला आरती एवं नैवेध्य भोग
प्रातः कल ५:३० बजे – दर्शन प्रारंभ
मध्यान्ह कालीन भोग:
दोपहर १२:२० से १:१० बजे – मध्यान्ह भोग (दर्शन बंद)
दोपहर १:१५ बजे से – पुनः दर्शन प्रारंभ
सायंकालीन दर्शन:
दोपहर ४ बजे से – भगवान् के दर्शन
(जल और बिल्ब पत्र चार बजे के बाद चढ़ा नहीं सकते )
शयन आरती:
रात्रि ८:३० से ९:०० बजे – शयन आरती
रात्रि ९:०० से ९:३५ बजे – भगवान् के शयन दर्शन

ओंकारेश्वर मंदिर के आस-पास अन्य तीर्थ एवं दर्शनीय स्थल – 

मामलेश्वर मंदिर– ममलेश्वर मंदिर या अमलेश्वर मंदिर अथवा अमरेश्वर मंदिर, ओंकारेश्वर के ज्योतिर्लिंग का आधा भाग है ओंकारेश्वर के दर्शन के बाद श्रद्धालु यहां मामलेश्वर के दर्शन करते हैं। यहां श्रद्धाओं को ज्योतिर्लिंग को छूकर पूजा करने की इजाजत है। यह मंदिर ओंकारेश्वर मंदिर के ठीक विपरीत नर्मदा नदी के किनारे स्थित है। शिवलिंग के पीछे देवी पार्वती की भी प्रतिमा यहां मौजूद है।

मान्धाता महल- मंदिर के पीछे बनी सीड़ियों से पहाड़ी की ओर जाने पर समक्ष एक श्वेत ऊंची भित्त दिखायी पड़ती है। यह ओंकारेश्वर के मान्धाता महल की भित्त है। ८० सीड़ियाँ पार कर आप इस महल के प्रवेशद्वार तक पहुँच सकते हैं। इस महल का एक भाग आम जनता हेतु खुला है।

काजल रानी गुफा – ओंकारेश्वर से लगभग 9km की दूरी पर स्थित काजल रानी गुफा एक शानदार पर्यटन स्थल जहां की यात्रा आपको जरूर करनी चाहिए। इतिहास में दिलचस्पी रखने वालों और प्रकृति प्रेमियों के लिए यह एक आदर्श स्थान है। यहां आकर आप अपने ज्ञान का विस्तार कर सकते हैं।

सिद्धनाथ मंदिर – ओंकारेश्वर और मामलेश्वर मंदिर के अलावा आप यहां के अन्य पवित्र स्थल सिद्धनाथ मंदिर के दर्शन कर सकते हैं। यह मंदिर अपनी अद्भुत वास्तुकला के लिए जाना जाता है। इस मंदिर स्थल को बनाने की शैली में ब्राहमिनिक वास्तुकला का प्रभाव दिखता है।

ओंकारेश्वर तीर्थ क्षेत्र में चौबीस अवतार, माता घाट (सेलानी), सीता वाटिका, धावड़ी कुंड, मार्कण्डेय शिला, मार्कण्डेय संन्यास आश्रम, अन्नपूर्णाश्रम, विज्ञान शाला, बड़े हनुमान, खेड़ापति हनुमान, ओंकार मठ, माता आनंदमयी आश्रम, ऋणमुक्तेश्वर महादेव, गायत्री माता मंदिर, आड़े हनुमान, माता वैष्णोदेवी मंदिर, चाँद-सूरज दरवाजे, वीरखला, विष्णु मंदिर, ब्रह्मेश्वर मंदिर, सेगाँव के गजानन महाराज का मंदिर, काशी विश्वनाथ, नरसिंह टेकरी, कुबेरेश्वर महादेव, चन्द्रमोलेश्वर महादेव के मंदिर भी दर्शनीय हैं।

ओंकारेश्वर मंदिर कैसे पहुंचे –
How to Reach Omkareshwar Temple – 

हवाई मार्ग- ओंकारेश्वर जाने के लिए निकटतम हवाई अड्डा इंदौर (INDORE) है, जो ओंकारेश्वर से लगभग 84 km की दुरी पर स्थित है।

रेलवे मार्ग- ओंकारेश्वर रेलवे मार्ग से पहुंचने के लिए खंडवा एंव इंदौर पहुंचना पड़ता है। इंदौर और खंडवा भारत के सभी प्रमुख शहरों से रेल सेवा द्वारा जुड़ा हुआ है।

सड़क मार्ग- ओंकारेश्वर जाने के लिए खंडवा और इंदौर से मध्य प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम (एमपीआरटीसी) और कुछ निजी यात्रा कंपनी के बस सेवा उपलब्ध है। ओंकारेश्वर खंडवा से 73km , इंदौर से 80km, उज्जैन से 133km, भोपाल से 268km है।

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