Mother’s Day Special | मदर्स डे विशेष !!

भगवान ने इंसान को सबसे बड़ा और नायाब तोहफा जो दिया है वो है – ‘मां। हमारे समाज में माँ को भगवान के समान दर्जा दिया जाता है। मां का प्यार शुद्ध और बेदाग होता है। उसका कोई स्वार्थी मकसद नहीं होता। जब हमारा जन्म होता है, तो हमारा पहला रिश्ता अपनी मां से होता है।

मां हमें पूरे 9 माह अपनी कोख में रखने के बाद असहनीय पीड़ा सहते हुए हमें जन्म देती है। इन नौ महीनों में हमारे और मां के बीच एक अदृश्य प्यार भरा गहरा रिश्ता बन जाता है। हम अपने जीवन में उनके योगदानों की गणना नहीं कर सकते है। यहाँ तक कि हम उनके सुबह से रात तक की क्रिया-कलापों की गिनती भी नहीं कर सकते।

 कहते हैं मां के प्‍यार का कर्ज चुकाया नहीं जा सकता । मां के प्‍यार, त्‍याग और तपस्‍या के बदले हम चाहे कुछ भी कर लें वो कम ही होगा । हमें इस दुनिया में लाने वाली, हमे समझने वाली,बिना शर्त प्यार करने वाली,और इंसान बनाने वाली उस मां के प्रति सम्‍मान और प्‍यार जताने के लिए वैसे तो किसी विशेष दिन की जरूरत नहीं, लेकिन मदर्स डे (Happy Mother’s Day) हमें अपनी भावनाओं को जाहिर करने का एक बहाना जरूर देता है। यही वजह है कि हर साल मई के दूसरे रविवार को दुनिया भर में मदर्स डे मनाया जाता है।  मदर्स डे  सब  के लिए अपनी माताओं  के प्रति अपने सम्मान और प्रेम को प्रदर्शित करने का दिन है।

मदर्स डे की शुरुआत-

मातृ दिवस मनाने की शुरुआत सर्वप्रथम ग्रीस देश में हुई, मान्यताओं के अनुसार, स्य्बेले  ग्रीक देवताओं की माता थीं और मदर्स डे पर उनकी पूजा का चलन शुरु हुआ। इसके बाद इसे त्योहार की तरह मनाया जाने लगा।

 इससे जुड़ी एक और कहानी है जिसके अनुसार,

इस खास दिन की शुरुआत अमेरिका से हुई थी। वर्जिनिया में एना जार्विस नाम की महिला ने मदर्स डे की शुरुआत की। कहा जाता है कि एना अपनी मां से बहुत प्यार करती थी और उनसे बहुत प्रेरित थी। उन्होंने कभी शादी नहीं की और मां का निधन हो जाने के बाद उनके प्रति सम्मान दिखाने के लिए इस खास दिन की शुरुआत की। 1908 में एना जार्विस  ने वहां की सरकार के सामने इसे नेशनल हॉलिडे घोषित करने की बात रखी। अन्ना के अथक  प्रयासों के चलते 1911 में इसे लोकल हॉलिडे घोषित कर मनाया जाने लगा । 1914 में अमेरिका के राष्ट्रपति वुड्रो विल्सन ने एक कानून बनाया, जिसके अंतर्गत यह स्पष्ट किया गया था कि प्रत्येक वर्ष मई माह के दूसरे रविवार को ‘मातृ दिवस’ मनाया जायेगा और इसे नेशनल हॉलिडे घोषित किया। ईसाई समुदाय के लोग इस दिन को वर्जिन मेरी का दिन मानते हैं। यूरोप और ब्रिटेन में मदरिंग संडे भी मनाया जाता है।

मां किसी चमत्कार से कम नहीं हैं।

 

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